पटना में नौकरी की तलाश में आई एक 23 वर्षीय युवती गुरुवार रात जिस हालत में सड़क पर दौड़ती दिखी, उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया. अर्धनग्न हालत, छलकते आँसू, कांपता शरीर—लोग रुक गए, सड़क थम गई, और फिर उसकी कहानी ने सबको सन्न कर दिया. यह मामला एक बार फिर किशनगंज के कुख्यात प्रेमनगर रेडलाइट एरिया को सुर्खियों में ला चुका है.
युवती मध्य प्रदेश के सिंगरौली की रहने वाली है और पटना में कोचिंग व नौकरी के लिए आई थी. एक मॉल में दो लड़कियों से उसकी मुलाकात हुई, जिन्होंने नौकरी का बहाना दिखाकर पहले उसे बिशनपुर और फिर प्रेमनगर ले जाकर फँसा दिया. वहाँ उसे बंद कमरे में रखकर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया. विरोध पर मारपीट, धमकी, और कमरे में कैद—यह उसकी नई ज़िंदगी बन गई थी.
बंद कमरा, धमकी और देह का सौदा—मौका मिलते ही भागी पीड़िता
गुरुवार की रात करीब 10 बजे उसे भागने का मौका मिला. अंधेरी गली से निकलकर वह किसी तरह एनएच-327 के पास आर. हुसैन चौक पहुँची, जहाँ नगर पार्षद प्रतिनिधि ने उसे देखा. काँपती आवाज़ में उसने बताया कि कैसे उसकी मासूमियत और बेरोज़गारी का फायदा उठाकर उसे रेडलाइट एरिया में बेच दिया गया था.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची. युवती की निशानदेही पर प्रेमनगर रेडलाइट एरिया से तीन और लड़कियों को भी मुक्त कराया गया, जिन्हें इसी तरह फँसाया गया था. थाना अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि पूरा गिरोह चिन्हित किया जा चुका है और एक-एक आरोपी को जल्द गिरफ़्तार किया जाएगा.
प्रेमनगर—सालों से फलता-फूलता देह व्यापार का अड्डा?
स्थानीय प्रतिनिधि वसीकूर रहमान के अनुसार प्रेमनगर क्षेत्र में वर्षों से देह व्यापार और मानव तस्करी का अवैध नेटवर्क चलता आ रहा है. बेरोज़गार, अकेली और भोली लड़कियों को टारगेट किया जाता है—उन्हें नौकरी के नाम पर बुलाया जाता है और फिर धमकी देकर इस दलदल में फेंक दिया जाता है.
किशनगंज पुलिस अब इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुँचने में जुट गई है. आने वाले दिनों में बड़े खुलासों की पूरी संभावना है, और पुलिस की कार्रवाई से रेडलाइट एरिया में हड़कंप मचा हुआ है.