नई दिल्ली: 26 जुलाई 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। सुबह देवशयनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा, जबकि शाम के समय प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसके अलावा देर रात शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे। आइए जानते हैं 26 जुलाई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत उसी दिन रखा जाता है, जिस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि रहती है। 26 जुलाई को शाम के प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि होने के कारण आज ही प्रदोष व्रत मान्य रहेगा। 27 जुलाई को त्रयोदशी तिथि सुबह तक रहेगी, लेकिन प्रदोष काल में नहीं होगी। मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन संध्या काल में भगवान शिव की पूजा करने से शुभ फल और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
26 जुलाई की देर रात 1 बजकर 25 मिनट पर शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे। ज्योतिष के अनुसार शनि की वक्री चाल का प्रभाव विभिन्न राशियों और जीवन के कई क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली: 26 जुलाई 2026, रविवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम…
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