मनरेगा की जगह VB-G RAM G के बिल को लेकरविरोध तेज होता जा रहा है। विपक्ष के अलावा एनडीए के सहयोगी दल टीडीपी ने भी इस बिल को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने गुरूवार को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर कांग्रेस ने सरकार के इस योजना का न सिर्फ तीखा विरोध किया बल्कि मनरेगा को खत्म करने वाली साजिश बता दिया।
प्रियंका गांधी का आरोप: ‘गरीबों के खिलाफ है ये साजिश’
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि ‘सरकार मनरेगा को खत्म करने की योजना बना रही है। नए नियमों के तहत फंडिंग का बड़ा हिस्सा राज्यों को देना होगा’। उन्होंने चेतावनी दी कि जैसे ही आर्थिक बोझ राज्यों पर पड़ेगा, वे फंड की कमी का हवाला देकर इस योजना को धीरे-धीरे बंद कर देंगे।
चंद्रबाबू नायडू (TDP) की चिंता
एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी (TDP) ने भी इस बिल के ‘फंडिंग पैटर्न’ पर आपत्ति जताई है। अब तक मनरेगा में केंद्र सरकार मजदूरी का 100 प्रतिशत खर्च उठाती थी। नए बिल के अनुसार, राज्यों को भी इसमें हिस्सा देना होगा। टीडीपी के मंत्रियों का कहना है कि आंध्र प्रदेश जैसे कर्ज में डूबे राज्यों के लिए ये अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना नामुमकिन होगा।
क्या है ‘VB-G RAM G’ योजना?
सरकार का दावा है कि ये योजना मनरेगा को और भी ज्यादा आधुनिक और प्रभावी बनाएगी। पुरानी योजना (मनरेगा) में साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। पहले केंद्र सरकार मजदूरी का 100% खर्च उठाती थी पर अब नए नियम के तहत 60:40 का फॉर्मूला लागू होगा, यानी राज्यों को भी कुल खर्च का 40% हिस्सा अपनी जेब से देना होगा।
राज्यों पर बढ़ेगा बोझ?
‘VB-G RAM G’ के मद को लेकर जहां टीडीपी भी विरोध कर रही है वहीं कांग्रेस का कहना है कि ये मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। विपक्षी दलों वाली राज्य सरकारें पहले ही आरोप लगाती रही है कि केन्द्र उनके हिस्से का पैसा नहीं दे रहा है। ऐसे में ‘VB-G RAM G’ के लिए 40 प्रतिशत योगदान कैसे दे पाएंगी। ये बड़ा सवाल है।