उत्तर कोरिया ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के चुने जाने का समर्थन किया है और अमेरिका व इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए “अवैध” हमलों की जमकर आलोचना की है। केसीएनए, यानी उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्योंगयांग ईरानी लोगों के चुनाव और उनके फैसले का सम्मान करता है। उन्होंने साफ कहा कि मोजतबा खामेनेई को इस्लामी क्रांति का नया नेता चुनना ईरानी लोगों का अधिकार है और इसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और ईरान में बड़ा बदलाव
ये बयान ऐसे वक्त आया है जब मध्य पूर्व में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में हुई थी। इन हमलों में तेहरान और कई अहम जगहों पर हवाई हमले किए गए थे, जिसने ईरान के नेतृत्व में बड़ा बदलाव ला दिया और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी। उत्तर कोरिया ने इन हमलों को “अवैध” और “आक्रामक” करार दिया और कहा कि इससे न सिर्फ क्षेत्रीय शांति खतरे में है, बल्कि पूरी दुनिया में अस्थिरता फैल रही है।
ईरान के साथ एकजुटता और नए नेता का महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया का यह समर्थन ईरान के नए नेतृत्व को वैधता देने और अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश है। मोजतबा खामेनेई (56) को 8 मार्च को ईरानी विशेषज्ञों की सभा ने सर्वोच्च नेता चुना था। उनकी नियुक्ति कट्टरपंथी तत्वों के बढ़ते प्रभाव को भी दिखाती है। उत्तर कोरिया का यह बयान उस समय आया है जब दुनिया मध्य पूर्व में युद्ध और परमाणु मुद्दों को लेकर बढ़ते तनाव के बीच खड़ी है।