उत्तर भारत में ठंड फिलहाल लोगों की परीक्षा ले रही है। सर्द हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उत्तर भारत मेंमें घने कोहरे और पूर्वी यूपी में कोहरे के बने रहने से सुबह के वक्त विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ा है।
न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे कड़ाके की ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि कई इलाकों में पारा 5 डिग्री से भी नीचे चला गया।
मंगलवार को भी सुबह घने कोहरे और सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री और अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन शाम होते ही शीतलहर और गलन का असर फिर तेज हो जाएगा।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। राजधानी का AQI सुबह सात बजे 685 तक पहुंच गया, जो बेहद खतरनाक स्तर माना जा रहा है। इसकी मुख्य वजह हवा में PM2.5 कणों की अत्यधिक मात्रा है। हालात कई महीनों से इसी तरह बने हुए हैं और दिल्ली सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद वायु प्रदूषण पर काबू नहीं पाया जा सका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद ही स्थिति में कुछ सुधार संभव है, जबकि IMD के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है। बढ़ती ठंड को देखते हुए सरकार ने लोगों से खुले में न सोने की अपील की है। वहीं, MCD ने जरूरतमंदों के लिए कई इलाकों में शेल्टर भी तैयार किए हैं।
हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं और हवा की रफ्तार कम होने की वजह से कोहरा लगातार जमा हुआ है। फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अपील है कि ताजा अपडेट्स पर ध्यान दें।