नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mujtaba Khamenei के नाम की घोषणा के बाद देश में जनता में जोश और उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, उनके सामने आने या किसी प्रतिक्रिया देने की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। न तो उनका कोई वीडियो संदेश जारी किया गया है और न ही उनके ऑफिस ने कोई लिखित बयान साझा किया है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने भी उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है, केवल पुराने वीडियो क्लिप्स साझा किए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि 56 वर्षीय खामेनेई संभवतः अमेरिका और इजरायल के हमलों में घायल हुए थे और इस समय उनका इलाज चल रहा है।
ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें “जानबाज-ए-रमजान” का खिताब दिया है, जिसका अर्थ है “रमजान युद्ध में घायल योद्धा।” रिपोर्ट में कहा गया है कि वे दुश्मन के हमले में घायल हुए हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य और लोकेशन की सटीक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस बीच सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर उनके स्वास्थ्य और वर्तमान स्थिति को लेकर अफवाहें भी फैल रही हैं, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति के बारे में रहस्य बना हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को हुए हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के परिवार के कई सदस्यों की मौत की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी थीं। कुछ मीडिया हाउस ने यहां तक दावा कर दिया था कि उनके बेटे मारे गए हैं।
हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि अली खामनाई के सभी बेटे जीवित और सुरक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बेटे सुरक्षित हैं और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें झूठी हैं।
हालांकि नए सुप्रीम लीडर Mujtaba Khamenei अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, उनके समर्थन में वफादारी और सार्वजनिक घोषणाएं लगातार जारी हैं।
तेहरान से आए वीडियो और तस्वीरों में ऐतिहासिक Vali-Asr Square पर एक विशाल म्यूरल देखा गया है। इस म्यूरल में युवा मुजतबा खामेनेई अपने मृत पिता Ali Khamenei से झंडा लेते हुए दिखाए गए हैं, जबकि ईरानी इस्लामी शासन के संस्थापक Ruhollah Khomeini उन्हें देख रहे हैं।
वली-अ-अस्र का यह म्यूरल आमतौर पर सरकारी संदेशों को प्रदर्शित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके माध्यम से ईरान का धार्मिक शासन यह संदेश देना चाहता है कि सत्ता का हस्तांतरण सहज और बिना किसी विवाद के हुआ।