कोर्ट से राहत मिलने के बाद नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन थमता नहीं दिख रहा है। बुधवार को संसद से लेकर सड़क तक कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया।
संसद परिसर में कांग्रेस सांसदों ने बैनर-पोस्टर के साथ प्रोटेस्ट किया। जबकि अलग-अलग राज्यों में भी कांग्रेस नेता और समर्थक सड़क पर उतरे। इस आंदोलन में खास तौर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के तेवर सबसे ज्यादा मुखर नजर आए। अहमदाबाद, लखनऊ, चंडीगढ़, रायपुर, रांची समेत कई शहरों में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। अहमदाबाद में 100 कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में ले लिए गए। अलग अलग राज्यों में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
लखनऊ में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अजय राय ने ED की कार्रवाई को “गैरकानूनी और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित” बताया। कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी कार्यालय की ओर कूच करते कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अजय राय और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन ले जाया गया। अपनी गिरफ्तारी के बाद अजय राय ने ट्वीट कर कहा कि अदालत ने यंग इंडियन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई को अवैध करार दिया है और “सत्य की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, कांग्रेस डरेगी नहीं, झुकेगी नहीं।”

राजस्थान के जयपुर में गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर धक्का-मुक्की हुई और कार्यकर्ताओं ने डोटासरा को कंधों पर उठा लिया। डोटासरा ने कहा कि 16 दिसंबर को आए कोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया है कि नेशनल हेराल्ड मामला मोदी सरकार की बदले की राजनीति और झूठे आरोपों का षड्यंत्र था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक मीडिया ट्रायल के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन न्याय ने सच्चाई के साथ खड़े होकर भाजपा के झूठ को बेनकाब कर दिया।
कर्नाटक के बेलगावी में डी.के. शिवकुमार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘नेशनल हेराल्ड का आज़ादी की लड़ाई से गहरा रिश्ता है और इसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू ने की थी’। शिवकुमार ने सवाल उठाया कि ‘जब तक इस मामले से जुड़ी वैध एफआईआर ही नहीं दिखाई गई, तब तक ED की कार्रवाई कैसे जायज ठहराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से ED की साख को नुकसान पहुंच रहा है।
कुल मिलाकर, नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर कांग्रेस फ्रंटफुट पर है। ED और केन्द्र सरकार के खिलाफ लंबे अर्से के बाद कांग्रेस ने उत्तर से दक्षिण तक लगभग सभी राज्यों में प्रदर्शन किया।