मुंबई: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 8 अक्टूबर को गोवा स्थित उनके डोना पाउला घर में उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा फैसला किया है।
नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वह उस समय पुणे में थे और गोवा के लिए रवाना हो रहे थे। उनके मुताबिक, नाना की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है और जल्द ही इस संबंध में बयान जारी किया जाएगा।
नाना पाटेकर को साल 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। मराठी रंगमंच के साथ मराठी और हिंदी सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने का फैसला किया है। राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने इसकी घोषणा की।
जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें फिर से जीवित करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बताया गया कि 8 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजकर 20 मिनट पर नाना पाटेकर ने अंतिम सांस ली। अस्पताल के डॉक्टर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जब अभिनेता को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया है। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख और कंगना रनौत सहित कई कलाकारों ने इसे फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में हिंदी और मराठी दोनों सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। गंभीर विषयों पर बनी फिल्मों में प्रभावशाली अभिनय से लेकर हास्य भूमिकाओं तक उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
नाना पाटेकर को ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय के लिए जाना जाता है।
मराठी सिनेमा में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने ‘नटसम्राट’, ‘देऊल’, ‘डॉ. प्रकाश बाबा आमटे: द रियल हीरो’ और ‘आपला मानुस’ जैसी फिल्मों में काम किया।
नाना पाटेकर को अपने अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा था। उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
मराठी रंगमंच से शुरू हुआ उनका सफर हिंदी और मराठी सिनेमा तक पहुंचा और उन्होंने अपने अभिनय की अलग शैली से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
देश में 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर…
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75…
नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के…
24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध चार साल से ज्यादा समय बाद भी…
नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य को कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है।…
गोवा: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक…