धार (मध्य प्रदेश), 10 अप्रैल 2026: गोंदीखेड़ा चारण गांव की उस रात ने पूरे इलाके को हिला दिया। आधी रात के बाद अचानक एक घर से चीखने-रोने की आवाज आई। पड़ोसी दौड़कर पहुंचे तो अंदर का मंजर देखकर सब सन्न रह गए। कमरे में देवकृष्ण पुरोहित खून से लथपथ पड़े थे, जबकि उनकी पत्नी प्रियंका रस्सी से बंधी हुई जोर-जोर से रो रही थी। पहली नजर में यह मामला धार मर्डर केस में लूट और चोरी जैसा लग रहा था। गांव में देखते ही देखते सनसनी फैल गई।
बयान में उलझी कहानी, पुलिस को हुआ शक
प्रियंका ने रोते हुए बताया कि कुछ बदमाश घर में घुसे, लूटपाट की और विरोध करने पर उसके पति की हत्या कर दी। उसने खुद को भी बंधक बनाए जाने की कहानी सुनाई। पड़ोसियों और परिवार ने भी पहले यही माना कि परिवार लूट के ड्रामे में फंसा crime victim है।
लेकिन पुलिस को शुरू से ही इस गोंदीखेड़ा गांव हत्याकांड में कुछ गड़बड़ महसूस हुई। कमरे का बिखरा सामान, रस्सी बांधने का तरीका और प्रियंका के बयान की छोटी-छोटी बातें मेल नहीं खा रही थीं। यहीं से 36 घंटे में खुलासा होने वाली जांच की शुरुआत हुई।
जैसे-जैसे पुलिस ने परिवार और पड़ोसियों से बात की, रिश्तों में छिपा तनाव सामने आने लगा। मृतक की बहन ज्योति ने बताया कि घर में अक्सर झगड़े होते थे और प्रियंका पति देवकृष्ण को रंगत को लेकर अपमानित करती थी। यही घरेलू कलह पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग बनी।
चार साल पुराना रिश्ता बना मौत की वजह
मोबाइल कॉल डिटेल और तकनीकी जांच में पता चला कि प्रियंका का गांव के ही कमलेश पुरोहित से पिछले चार साल से संबंध था। इसके बाद साफ हुआ कि यह पत्नी प्रेमी साजिश का मामला है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने मिलकर देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। कमलेश ने सुरेंद्र नाम के शख्स को एक लाख रुपये देकर हत्या की जिम्मेदारी सौंपी।
8 अप्रैल की रात सुरेंद्र घर में दाखिल हुआ और सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हत्या के बाद प्रियंका ने खुद को बांधा, कुछ जेवर छिपाए और पूरे मामले को लूट का ड्रामा दिखाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में उसकी कहानी टूट गई। आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
धार पुलिस ने इस मध्य प्रदेश crime news में प्रियंका और कमलेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सुरेंद्र की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीकी साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड और परिवार के बयानों की मदद से धार murder case का पर्दाफाश सिर्फ 36 घंटे में कर दिया गया।
इस घटना के बाद गोंदीखेड़ा गांव में हर कोई हैरान है कि जिस लूट की कहानी पर सबने भरोसा किया, उसके पीछे असल में रिश्तों में विश्वासघात और पति हत्या साजिश छिपी थी। यही वजह है कि यह खबर लोकल क्राइम स्टोरी के तौर पर तेजी से लोगों का ध्यान खींच रही है।