देशभर में दवाओं की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, अब दवाओं के दाम बढ़ने की तैयारी है। सरकार ने इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली है और दवाइयों की कीमतों में करीब 0.65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है।
देशभर में दवाओं की कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 2025 के लिए Wholesale Price Index (WPI) के आधार पर दवाओं के दाम बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है। यह आदेश नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की ओर से जारी किया गया है।
NPPA के इस फैसले के तहत दवा कंपनियां अब तय फॉर्मूले के अनुसार अपनी MRP में बढ़ोतरी कर सकेंगी और इसके लिए उन्हें सरकार से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है, क्योंकि जरूरी दवाएं अब थोड़ी महंगी हो सकती हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, दवाओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी महंगाई दर (WPI) के आधार पर की जा रही है। कच्चे माल और पैकेजिंग लागत में लगातार बढ़ोतरी इसका बड़ा कारण है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थिति जारी रहने पर व्यापार और उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
वहीं, भागीरथ पैलेस के मेडिकल सर्जिकल सामान के होलसेलर मुकेश भसीन के मुताबिक, प्लास्टिक के कच्चे माल के महंगे होने से पैकेजिंग लागत बढ़ गई है, जिसका असर दवाओं और मेडिकल उपकरणों की कीमतों पर भी पड़ा है।