पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राज्य की राजनीति में हलचल मचाने वाली बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में कोलकाता में राजनीतिक रणनीतिकार संस्था I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तर पर छापेमारी की है। इसके साथ ही I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। ED की इस कार्रवाई के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। I-PAC पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए रणनीतिक सलाह देने वाली संस्था रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है और इसे चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। ED की छापेमारी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
ED रेड के दौरान फाइल लेकर बाहर आईं ममता बनर्जी, अमित शाह पर साधा निशाना
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उस वक्त सुर्खियों में आ गईं, जब वह दस्तावेजों की फाइल हाथ में लेकर बाहर नजर आईं। इस दौरान ममता ने केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला।
ममता बनर्जी ने कहा कि क्या ED और गृहमंत्री का काम अब राजनीतिक दलों की हार्ड डिस्क और मतदाताओं की सूची जब्त करना रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई जानबूझकर की जा रही है और इसके पीछे सीधे तौर पर गृहमंत्री के इशारे हैं। ममता ने अमित शाह को देश की सुरक्षा में विफल बताते हुए बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया।
TMC के दस्तावेज जब्त कर रही ED
ममता बनर्जी ने दावा किया कि ED उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े सभी दस्तावेज जब्त कर रही है। उन्होंने बताया कि ED ने TMC के IT सेल पर भी छापेमारी की है।
ममता ने सवाल उठाया कि अगर वह भाजपा के पार्टी कार्यालय पर छापा डालें तो क्या स्थिति बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव के नाम पर उनकी पार्टी से जुड़ी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
I-PAC दफ्तर में नहीं मिली एंट्री
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी को I-PAC के दफ्तर में जाने की अनुमति नहीं दी गई। वह बिल्डिंग के बाहर ही खड़ी रहीं, जबकि I-PAC का कार्यालय इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित है। इससे पहले ममता बनर्जी प्रतीक जैन के आवास से फाइलें और लैपटॉप लेकर बाहर निकलती दिखाई दी थीं।
इस दौरान ममता ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि साजिश के तहत लोगों के नाम काटे जा रहे हैं।
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