तेलंगाना की राजनीति में उपचुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन अब तेलंगाना सरकार में शामिल हो चुके हैं. शुक्रवार को अजहरुद्दीन तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की सरकार में मंत्री पद की शपथ ली. यह शपथ राजभवन में हुई, जहां राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कई बड़े नेता मौजूद थे. अजहरुद्दीन के मंत्री बनने के बाद अब तेलंगाना सरकार में कुल 16 मंत्री हो गए हैं, जबकि दो पद अभी भी खाली हैं. विधानसभा के नियमों के मुताबिक राज्य में अधिकतम 18 मंत्री बनाए जा सकते हैं.
राज्यपाल कोटे से विधान परिषद सदस्य, नामांकन पर अभी अंतिम मुहर नहीं
अजहरुद्दीन को अगस्त के आखिरी हफ्ते में राज्यपाल कोटे से विधान परिषद (एमएलसी) के लिए चुना गया था, लेकिन अभी राज्यपाल ने इस पर अंतिम मंजूरी नहीं दी है. यह फैसला जुबली हिल्स उपचुनाव से पहले लिया गया है. इसी सीट से अजहरुद्दीन 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. बीआरएस के उम्मीदवार मगंती गोपीनाथ को 80,549 वोट मिले थे, जबकि अजहरुद्दीन को 64,212 वोट मिले यानि वह 16,337 वोटों से हार गए थे. जून में गोपीनाथ की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जिसके बाद अब 11 नवंबर को उपचुनाव हो रहा है. इस सीट पर मुस्लिम वोटर करीब 30% हैं, इसलिए इस चुनाव में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
राजनीतिक सफर, 2009 से उतार-चढ़ाव भरी यात्रा
मंत्री बनने के बाद अजहरूद्दीन ने खुशी जताते हुए कहा, “मैं पार्टी हाईकमान, जनता और अपने समर्थकों का धन्यवाद करता हूं. यह सिर्फ जुबली हिल्स से जुड़ा मामला नहीं है” उन्होंने गांधी परिवार और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने आगे कहा, “31 मेरा लकी नंबर है मैंने 31 दिसंबर को क्रिकेट में डेब्यू किया था और अब 31 अक्टूबर को मंत्री बना हूं.”
अजहरुद्दीन ने 2009 में राजनीति में कदम रखा था. कांग्रेस ने उन्हें यूपी की मुरादाबाद लोकसभा सीट से टिकट दिया और वो वहां से जीत गए. लेकिन 2014 में वो राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से चुनाव हारे. 2018 में उन्हें तेलंगाना कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. 2023 में उन्होंने जुबली हिल्स से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं पाए.