नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026: संसद परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने कुछ पलों के लिए सियासी तल्खी को पीछे छोड़ दिया। महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर प्रेरणा स्थल में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आमने-सामने आए और दोनों के बीच बेहद सौहार्दपूर्ण बातचीत देखने को मिली। आमतौर पर संसद में दोनों दलों के बीच तीखी बहस सुर्खियां बनती है, लेकिन इस बार कैमरों में कैद यह सहज मुलाकात चर्चा का नया विषय बन गई। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी जैसे ही अपनी कार से उतरकर कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े, उन्होंने वहां मौजूद नेताओं का अभिवादन किया। इसी दौरान वह राहुल गांधी के पास रुके और दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए पारंपरिक अभिवादन किया। कुछ देर तक दोनों के बीच हल्की लेकिन तल्लीन बातचीत होती रही। आसपास मौजूद नेताओं और कर्मियों की नजरें भी इस दुर्लभ पल पर टिक गईं।
संसद की तल्खी के बीच सौहार्द की तस्वीर
महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर विभिन्न दलों के नेता एक साथ श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें सामाजिक न्याय, शिक्षा तथा वंचित वर्गों के उत्थान का महान प्रतीक बताया। इसी साझा मंच पर राहुल गांधी की मौजूदगी और दोनों नेताओं के बीच हुआ यह संवाद राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संस्थागत गरिमा और संवाद की परंपरा को मजबूत करता नजर आया।
हाल के महीनों में संसद के भीतर कांग्रेस और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली है। ऐसे माहौल में यह छोटा लेकिन अहम पल लोगों को याद दिलाता है कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं। यही वजह है कि यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “दुर्लभ सियासी सौहार्द” की संज्ञा दी जा रही है।