फ्रैंकफर्ट, 12 अप्रैल 2026 – जर्मनी की प्रमुख एयरलाइन लुफ्थांसा के पायलटों की यूनियन ‘वेराइनिगुंग कॉकपिट’ (Vereinigung Cockpit – VC) ने सोमवार और मंगलवार (13-14 अप्रैल 2026) को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान कर दिया है। यूनियन ने कहा कि लुफ्थांसा ने कई सामूहिक सौदेबाजी विवादों में “कोई स्पष्ट समाधान की इच्छा” नहीं दिखाई है।
यूनियन के अनुसार, हड़ताल सोमवार सुबह 12:01 बजे (रविवार को 22:01 UTC) से शुरू होकर मंगलवार रात 23:59 बजे तक चलेगी। इस दौरान लुफ्थांसा, लुफ्थांसा कार्गो, लुफ्थांसा सिटीलाइन और यूरोविंग्स के पायलट शामिल होंगे। हड़ताल जर्मनी के प्रमुख हब फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख समेत जर्मन हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स को प्रभावित करेगी।
यूनियन अध्यक्ष एंड्रियास पिन्हेरो ने कहा, “कॉकपिट यूनियन को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है क्योंकि नियोक्ताओं ने कई सामूहिक सौदेबाजी विवादों में समाधान की कोई स्पष्ट इच्छा नहीं दिखाई। ईस्टर छुट्टियों के दौरान हड़ताल न करने का फैसला करने के बावजूद, कोई गंभीर प्रस्ताव या बातचीत की इच्छा नहीं आई।”
विवाद के मुख्य मुद्दे
मुख्य विवाद लुफ्थांसा और लुफ्थांसा कार्गो के पायलटों की कंपनी पेंशन स्कीम से जुड़ा है। यूनियन का आरोप है कि 2017 में पारंपरिक गारंटीड पेंशन को कैपिटल मार्केट आधारित मॉडल में बदल दिया गया, जिससे पायलटों की रिटायरमेंट बेनिफिट्स काफी कम हो गई हैं। इसके अलावा, लुफ्थांसा सिटीलाइन में नए वेतन समझौते (collective bargaining agreement) पर भी बातचीत फेल हो गई है।
यूनियन ने ईस्टर अवकाश के दौरान हड़ताल टाल दी थी, लेकिन उसके बाद भी लुफ्थांसा की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया। इससे पहले फरवरी और मार्च 2026 में भी पायलटों और केबिन क्रू ने हड़ताल की थी, जिससे सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द हो गईं और हजारों यात्री प्रभावित हुए।
लुफ्थांसा की प्रतिक्रिया
लुफ्थांसा ने हड़ताल की घोषणा पर खेद जताया है और कहा है कि वह यात्रियों पर असर को कम करने के लिए विशेष उड़ान अनुसूची तैयार कर रही है। एयरलाइन अन्य लुफ्थांसा ग्रुप कंपनियों (जैसे ऑस्ट्रियन, स्विस, ब्रसेल्स एयरलाइंस) और पार्टनर एयरलाइंस की मदद से जितनी संभव हो उतनी फ्लाइट्स चलाने की कोशिश करेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट स्टेटस Lufthansa की वेबसाइट या ऐप पर चेक करें और जरूरत पड़ने पर रीबुकिंग या रिफंड का विकल्प चुनें।
संभावित प्रभाव
यह हड़ताल ईस्टर अवकाश के ठीक बाद आ रही है, जब यात्रियों की आवाजाही अभी भी अधिक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जर्मन हवाई अड्डों से निकलने वाली सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित होंगी, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पिछले हड़तालों में लुफ्थांसा ने 50% से अधिक फ्लाइट्स चलाने में सफलता पाई थी, लेकिन पूर्ण अनुसूची बहाल होने में समय लगता है।
वेराइनिगुंग कॉकपिट ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन लुफ्थांसा को पहले एक “वार्ता योग्य प्रस्ताव” रखना होगा। यूनियन का कहना है कि पायलटों की मांगें उचित हैं और कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखते हुए भी इन्हें पूरा किया जा सकता है।
यह घटना लुफ्थांसा में चल रहे श्रमिक असंतोष को उजागर करती है, जिसमें केबिन क्रू यूनियन UFO द्वारा हाल ही में 10 अप्रैल को एक दिवसीय हड़ताल भी शामिल है। एयरलाइन उद्योग में बढ़ती मुद्रास्फीति, पेंशन लागत और कार्य स्थितियों को लेकर विवाद कई यूरोपीय कैरियर्स में आम होते जा रहे हैं।