लखनऊ, 13 मार्च 2026: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे भारतीय रसोई तक पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते आने वाली गैस सप्लाई प्रभावित होने से भारत में LPG यानी कुकिंग गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि भारत की करीब 85-90% LPG आयात इसी मार्ग से होती है। ऐसे में कई शहरों में सिलेंडर की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
घरेलू सिलेंडर करीब 60 रुपये महंगा हो गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 115 रुपये तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। कई जगहों पर लोगों को गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए 20-25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है और एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं।
इस हालात का सीधा असर किचन पर पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, जयपुर, गोरखपुर और कोडरमा जैसे शहरों में लोग तेजी से इंडक्शन चूल्हों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। इंडक्शन कुकटॉप की मांग अचानक 4 से 30 गुना तक बढ़ गई है। Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इसकी बिक्री 20-30 गुना तक बढ़ गई है, जबकि Blinkit, Zepto और BigBasket जैसे क्विक कॉमर्स ऐप्स पर कई जगह स्टॉक खत्म होने की खबर है।
TTK Prestige और Stovekraft (Pigeon) जैसी कंपनियों ने भी उत्पादन तेज कर दिया है और फैक्ट्रियां लगभग पूरी क्षमता पर चल रही हैं, लेकिन मांग इतनी ज्यादा है कि सप्लाई पीछे रह जा रही है।
इधर कई रेस्टोरेंट, होटल और IRCTC की बेस किचन में भी कमर्शियल गैस की कमी के कारण इंडक्शन और माइक्रोवेव का इस्तेमाल बढ़ गया है। कुछ शहरों में रेस्टोरेंट्स ने अपना मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से काम बंद भी किया है।
सरकार ने हालात को देखते हुए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू कर दिया है, ताकि घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता दी जा सके। रिफाइनरियों को उत्पादन करीब 25% बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और करीब 25 दिनों का स्टॉक होने का दावा भी किया गया है। लेकिन अगर मध्य पूर्व का तनाव लंबा खिंचता है, तो लोग बिजली आधारित कुकिंग की ओर और तेजी से जा सकते हैं।
इंडक्शन चूल्हे पर फूली-फूली रोटियां कैसे बनाएं?
गैस की कमी के बीच कई लोग इंडक्शन पर रोटी बनाना सीख रहे हैं। सही तरीका अपनाया जाए तो इंडक्शन पर भी गैस जैसी फूली-फूली रोटियां बनाई जा सकती हैं।

सबसे पहले इंडक्शन-फ्रेंडली मोटा तवा इस्तेमाल करें, क्योंकि पतला तवा गर्मी बराबर नहीं फैलाता। आटा नरम और अच्छी तरह गूंथा होना चाहिए। चाहें तो उसमें थोड़ा घी या तेल भी मिला सकते हैं, इससे रोटी ज्यादा मुलायम बनती है।
इंडक्शन को मीडियम-हाई यानी करीब 1800-2000 वॉट पर सेट करें और तवे को 2-3 मिनट तक अच्छे से गर्म होने दें। इसके बाद रोटी बेलकर तवे पर डालें और दोनों तरफ करीब 30-40 सेकंड तक सेंकें।
जब रोटी पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखने लगें, तो उसे तवे से उठाकर सीधे इंडक्शन प्लेट पर या तवे पर उल्टा करके 10-15 सेकंड रखें। इससे रोटी फूलने लगेगी। चाहें तो मोटे कॉटन के कपड़े या तौलिये से हल्का दबाकर भी रोटी को फुलाया जा सकता है।
ध्यान रखें कि रोटी को ज्यादा देर तवे पर न छोड़ें, नहीं तो वह सख्त हो जाएगी। फूलने के बाद उस पर थोड़ा घी या तेल लगा दें, इससे रोटी नरम बनी रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व का तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो भारत में बिजली से चलने वाली कुकिंग यानी ई-कुकिंग की ओर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है।