साल 2001… जब भारत ने पूरी दुनिया में अपनी खूबसूरती का परचम लहराया था। एक तरफ प्रियंका चोपड़ा ‘मिस वर्ल्ड’ बनीं, लारा दत्ता ‘मिस यूनिवर्स’ और अदिति गोवित्रिकर ने ‘मिसेज वर्ल्ड’ का ताज पहनकर इतिहास रच दिया। लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के 24 साल बाद, अदिति ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने ग्लैमर वर्ल्ड के दोहरे मापदंडों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ही मंच, पर इनामों में ‘जमीन-आसमान’ का अंतर!
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अदिति गोवित्रिकर ने उस दौर की एक कड़वी सच्चाई शेयर की। अदिति ने बताया कि जब तीनों वर्ल्ड चैंपियंस (प्रियंका, लारा और अदिति) के सम्मान में एक ग्रैंड इवेंट रखा गया, तो वहां जो हुआ उसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी।

अदिति के मुताबिक ‘प्रियंका और लारा को उनकी जीत के लिए लग्जरी कारें और फ्लैट्स जैसे महंगे तोहफे दिए गए। वहीं, जब मेरी बारी आई, तो मुझे सिर्फ एक फूलों का गुलदस्ता (Bouquet) थमा दिया गया’।
लारा दत्ता का वो ‘मजाकिया’ कमेंट
अदिति ने बताया कि इस भेदभाव को देखकर लारा दत्ता ने माहौल को हल्का करने की कोशिश की थी। लारा ने मजाक में अदिति से कहा था “अदिति, हमारे पास कार और घर है, लेकिन तुम्हारे पास पति है!” हालांकि अदिति ने इसे मजाक में लिया, लेकिन ये उस दौर की मेंटालिटी को साफ दिखाया है जहां ‘मिसेज’ कैटेगरी को ‘मिस’ के मुकाबले कम आंका जाता था।
आखिर क्यों हुआ ऐसा भेदभाव?
अदिति ने इस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि इसकी वजह शायद अलग-अलग ऑर्गनाइजर्स और स्पॉन्सरशिप का खेल था। मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स को उस वक्त बहुत बड़े लेवल पर प्रमोट किया जाता था, जबकि मिसेज वर्ल्ड को वो ‘मेनस्ट्रीम’ पहचान नहीं मिली थी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
अदिति के इस बयान के बाद इंटरनेट पर चर्चा गर्म है। फैंस का कहना है कि: देश के लिए गौरव लाने वाली हर महिला का सम्मान बराबर होना चाहिए।