ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत की खबरों के बीच मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इसी दौरान इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी को निशाना बनाते हुए उनके ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने और उन्हें मार गिराने का दावा किया है।
इजराइल के इन दावों के बीच, ईरान ने भी बुधवार देर रात अली लारीजानी की मौत की पुष्टि कर दी। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था।
वहीं, अली लारीजानी की हत्या को लेकर ईरान की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी की मौत के बाद देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ा बयान दिया है। अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि लारीजानी जैसी अहम शख्सियत के जाने से ईरान की सरकार या सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अराघची ने कहा कि ईरान का राजनीतिक ढांचा किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि मजबूत संस्थानों पर आधारित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भी देश की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है।
“मजबूत है ईरान का राजनीतिक ढांचा”
विदेश मंत्री ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिका और इजराइल अब तक यह क्यों नहीं समझ पाए हैं। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक ढांचा बेहद मजबूत है।”
उन्होंने आगे कहा, “किसी एक व्यक्ति के आने या जाने से पूरा सिस्टम नहीं हिलता। हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है, लेकिन ईरान की व्यवस्था ठोस और स्थिर संस्थाओं पर टिकी है।”
अराघची ने जोर देकर कहा कि ईरान की ताकत उसकी संस्थागत संरचना में है, न कि किसी एक नेता में, और यही वजह है कि बड़े बदलावों के बावजूद देश का सिस्टम स्थिर बना रहता है।