Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन तो भारत पर क्या पड़ेगा असर? 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की मदद कर चुकें हैं ‘रजा पहलवी’ !
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > फीचर > ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन तो भारत पर क्या पड़ेगा असर? 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की मदद कर चुकें हैं ‘रजा पहलवी’ !
फीचर

ईरान में हुआ सत्ता परिवर्तन तो भारत पर क्या पड़ेगा असर? 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की मदद कर चुकें हैं ‘रजा पहलवी’ !

Sandeep pandey
Last updated: January 10, 2026 3:14 pm
Sandeep pandey
Share
ईरान में सत्ता परिवर्तन का भारत पर असर
ईरान में सत्ता परिवर्तन का भारत पर असर
SHARE

ईरान के बड़े शहरों तेहरान, मशहद, इस्फहान, शिराज और कोम की गलियों में प्रदर्शनकारियों के नारों गूंज रहे हैं। सुरक्षाबलों के साथ झड़पों में कुछ लोगों की जानें भी गईं हैं, कई घायल हैं। सर्वोच्च शासक अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती तस्वीरों से सिगरेट सुलगाती महिलाओं की तस्वीरें वायरल हैं। हालिया दिनों में हुए या हो रहे इन घटनाक्रमों से ये तो साफ है कि ईरान एक राजनीतिक संकट की तरफ बढ़ चुका है।

अयातुल्ला अली खामेनेई ने बयान दिया है कि इन प्रदर्शनों के पीछे मोसाद, सीआईए के एजेंट्स हैं और ईरान इनके आगे नहीं झुकेगा। वहीं कभी ईरान के शासक रहे शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बड़े बेटे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से अपील की है कि आगे बढ़ कर सत्ता अपने हाथ में लें। ये जाहिर दिख रहा है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ तो मुल्क की कमान रजा पहलवी के हाथ में ही आएगी। इस सत्ता परिवर्तन का वैश्विक रणनीति पर भी बड़ा प्रभाव पड़ेगा। लेकिन असली सवाल ये है कि भारत पर क्या रणनीतिक असर होगा?

1947 से भारत और ईरान के रिश्ते खट्ठे मीठे दौर से गुजरते हुए आगे बढ़े। 15 मार्च 1950 को दोनों देशों ने औपचारिक रूप से अपने राजनयिक संबंध स्थापित किए। लेकिन वो शीत युद्ध का दौर था लिहाजा दोनों के रिश्तों पर इसका असर साफ दिख रहा था। उस वक्त शाह मोहम्म्द रजा पहलवी का ईरान अमेरिका के करीब था और पाकिस्तान के भी। इतना करीब कि 1971 के भारत पाकिस्तान जंग में ईरान ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान को सैन्य सहायता, ईधन और लड़ाकू विमान भी मुहैया कराया था। अमेरिकी परस्त नीति से ही ईरान भारत के साथ रणनीतिक रिश्ते को निभाता रहा।

1979 की इस्लामिक क्रांति ने ईरान को बदल दिया साथ ही ईरान की विदेश नीति को भी। अमेरिका से दूर होते ईरान के साथ भारत के संबंधों में कुछ गर्माहट महसूस की जाने लगी। लेकिन 1980-88 के ईरान-इराक जंग में भारत ने इराक का साथ दिया। इससे दूरी बढ़ी लेकिन ज्यादा नहीं क्योंकि 1990 के बाद पश्चिम एशिया के बदले हालात ने दोनों देशों को करीब लाने में मदद की। अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत का भारत और ईरान दोनों ने विरोध किया। बदलते दौर में पाकिस्तान से दोनों देशों की दूरी और बढ़ी। सन 2000 के बाद जब ईरान रूस और चीन के साथ मिल कर एक नई धुरी बना रहा था तब भारत के साथ उसने नई रणनीतिक साझेदारियां की। जिसमें चाबहार समझौता मुख्य था। जिसे लेकर चीन की नाराजगी भी सामने आई

थी हालांकि डाबहार भारत की क्षेत्रीय रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने में अहम साबित होने जा रहा था। इसी दौर में अमेरिकी दवाब को नजरअंदाज कर भारत और ईरान ने डॉलर के बजाए अपनी अपनी करेंसी में बिजनेस करना भी शुरू किया। लेकिन 2014 के बाद फिर भारत और ईरान की दूरी बढ़ी। अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से गैस और ईधन को खरीदना कम दिया। जिस चाबहार को भारत की बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा था वो समझौता सुस्त पड़ने लगा।

अब बड़ा सवाल ये है कि अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ तो ईरान एक बार फिर अमेरिका का पिछल्लगू बन जाएगा। उसकी नीतियां अमेरिकी नजरिए से बनेगी। फिर भारत को क्या मिलेगा? क्योंकि आज के दौर में भारत और अमेरिका के संबंध भी हिचकोले खा रहे हैं। ट्रंप की नीतियां भारत के खिलाफ हैं। तो क्या नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका के बाद अब एक मुल्क भारत का दोस्त नहीं रह जाएगा? फिलहाल भारत इन घटनाक्रमों पर अपनी नजर बनाए हुए है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Asian geopolitics, Chabahar port, global power shift, India foreign policy, India Iran relations, India strategic interests, Iran monarchy return, Iran Pakistan 1971, Iran Political Crisis, Iran protests 2026, Iran regime change, Middle East geopolitics, Reza Pahlavi, US Iran India, West Asia strategy
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट का अल्टीमेटम महिंदर कौर के केस में कंगना रनौत को बठिंडा कोर्ट का अल्टीमेटम, कौर ने कहा “उनकी चोटी खींच के लाएंगे”
Next Article उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरा 2026 ठंड और कोहरे की चादर में लिपटा उत्तर प्रदेश: स्कूल बंद, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें आगे कैसा रहेगा मौसम

फीचर

View More
AT1 बॉन्ड्स HDFC Bank विवाद

HDFC Bank Crisis Explained: AT1 Bonds का सच — क्यों HDFC Bank विवाद ने हिला दी “सेफ इन्वेस्टमेंट” की धारणा ?

नई दिल्ली:  भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक उठा विवाद सिर्फ एक इस्तीफे की खबर नहीं…

By Gopal Singh 5 Min Read

अली खामेनेई से अली लारीजानी तक: ईरान के 6 शीर्ष चेहरे, जिन्हें गंवानी पड़ी जान

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग को अब 18 दिन…

5 Min Read
राज्यसभा चुनाव 2026 क्रॉस वोटिंग कांग्रेस

राज्यसभा चुनाव 2026: ओडिशा से बिहार तक क्रॉस वोटिंग का खेल, मुस्लिम विधायकों ने भी दिया झटका !

16 मार्च 2026 के राज्यसभा चुनावों ने सिर्फ राजनीतिक समीकरण नहीं बदले,…

5 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

ईरान अमेरिका विवाद पाकिस्तान मध्यस्थता
Trending Newsसियासी

ईरान-अमेरिका विवाद: पाकिस्तान की ‘मध्यस्थता’ की कोशिश और भारत में छिड़ी सियासी जंग

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच इस समय दक्षिण एशिया में कूटनीतिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।…

2 Min Read
राहुल गांधी का पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला
Trending Newsसियासी

ऑल पार्टी मीटिंग से दूरी, विदेश नीति पर सीधा वार, राहुल गाँधी  ने पीएम मोदी को घेरा,बोले— “विदेश नीति compromised है”

नई दिल्ली:  कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने आज प्रधानमंत्री Narendra Modi पर सीधा और…

2 Min Read
AT1 बॉन्ड्स HDFC Bank विवाद
फीचरबाजार

HDFC Bank Crisis Explained: AT1 Bonds का सच — क्यों HDFC Bank विवाद ने हिला दी “सेफ इन्वेस्टमेंट” की धारणा ?

नई दिल्ली:  भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक उठा विवाद सिर्फ एक इस्तीफे की खबर नहीं…

5 Min Read
फीचर

अली खामेनेई से अली लारीजानी तक: ईरान के 6 शीर्ष चेहरे, जिन्हें गंवानी पड़ी जान

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग को अब 18 दिन हो चुके हैं। इस दौरान कई मौकों पर…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?