औरैया जनपद के बिधूना कस्बे में कथित तौर पर वयस्कों के लिए बने कफ सिरप की ओवरडोज़ से ढाई साल के एक मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कस्बे के गुरु प्रसाद अस्पताल (क्लिनिक) को सील कर दिया है।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. सुरेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी न्यायिक अमित त्रिपाठी, ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद, सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ क्लिनिक पर छापा मारा। इस दौरान कफ सिरप समेत तीन दवाइयों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद ने बताया कि मृतक बच्चे के पिता सचिन ने स्वीकार किया है कि यह कफ सिरप उन्होंने करीब ढाई से तीन महीने पहले गुरु प्रसाद क्लिनिक से खरीदा था। यह सिरप वयस्कों के लिए बना हुआ था, जिसे ढाई साल के बच्चे के साथ-साथ एक नौ महीने के शिशु को भी पिलाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिक जांच में पारिवारिक लापरवाही और ओवरडोज़ को बच्चे की मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है।
परिजनों के अनुसार, सिरप पिलाने से पहले बच्चे को उल्टियां हुई थीं। इसके बाद सिरप देने पर बच्चा बेहोश हो गया और नींद से नहीं जागा, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्चे का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
छापेमारी की सूचना मिलते ही कस्बे के कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और मौके से गायब हो गए, जिससे दवा बिक्री और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सिरप एक्सपायर नहीं था, लेकिन यह वयस्कों के लिए था और बच्चों को संभवतः अधिक मात्रा में दे दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित क्लिनिक और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।