भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू को बड़ा झटका लगा है. पन्नू के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाला इंद्रजीत सिंह गोसल को कनाडा में गिरफ्तार कर लिया गया. इस खबर को सुनकर ही पन्नू सकते में है. कनाडा की पुलिस ने अवैध हथियार रखने और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने के गंभीर आरोपों में इंद्रजीत सिंह गोसल को गिरफ्तार किया है. गोसल की गिरफ्तारी ओटावा शहर में उस वक्त की गई जब वह SFJ से जुड़ी मीटिंग्स और संभावित लॉजिस्टिक सपोर्ट में शामिल था. तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से गैरकानूनी हथियारों का जखीरा भी मिला है, जिनकी कोई वैध अनुमति नहीं थी.
कौन है इंद्रजीत गोसल ?
गोसल को Sikhs for Justice (SFJ) से जुड़ा माना जाता है. ये वही संगठन है जिसे भारत सरकार पहले ही देशविरोधी और आतंकी गतिविधियों के चलते बैन कर चुकी है. गोसल पन्नू का बेहद करीबी था. कनाडा में पन्नू के साथी हरदीप निज्जर की हत्या के बाद उसकी जगह गोसल ने संभाली थी. हालांकि गोसल पहली बार नहीं है जब कानून के शिकंजे में आया हो. नवंबर 2024 में भी उसे एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया था. वो हमला ग्रेटर टोरंटो एरिया (GTA) में हुआ था, जिसे लेकर कनाडा में धार्मिक कट्टरता और हिंसा को लेकर काफी बहस छिड़ी थी. हालांकि तब उसे ज़मानत मिल गई थी, लेकिन अब फिर से गिरफ्तारी ने उसकी भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या यह सिर्फ एक गिरफ्तारी है?
विशेषज्ञों का कहना है कि गोसल की गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक पूरे नेटवर्क पर दबाव की शुरुआत है. हाल ही में भारत और कनाडा के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें सीमा-पार आतंकवाद और खालिस्तान समर्थक नेटवर्क्स को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी. ऐसे में यह गिरफ्तारी उसी रणनीतिक सख्ती का हिस्सा मानी जा रही है.
पन्नू पर कसेगा शिकंजा
गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसका संगठन SFJ लंबे समय से भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं. पन्नू खुद को खालिस्तान का प्रवक्ता बताता है और सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक भारत के खिलाफ बयानबाज़ी करता रहा है. भारत सरकार ने उसे घोषित आतंकवादी की सूची में शामिल कर रखा है. गोसल की गिरफ्तारी के बाद पन्नू के भी जल्द शिकंजे में आने की उम्मीद बढ़ी है.