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भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द होगी लॉन्च! जानिए किस रूट पर दौड़ेगी, कितनी होगी स्पीड और क्या हैं इसकी सबसे बड़ी खूबियां

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन यात्रियों के लिए शुरू करने जा रहा है। रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अंतिम ट्रायल रन पिछले महीने सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। परीक्षण के दौरान इमरजेंसी ब्रेकिंग, ऑसिलेशन टेस्ट और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई, ताकि ट्रेन की स्थिरता और प्रदर्शन का आकलन किया जा सके। इसके शुरू होने के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेनें संचालित होती हैं।

हरियाणा के इस रूट पर दौड़ेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन

रेलवे बोर्ड ने नॉर्दर्न रेलवे को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर चलाई जाएगी। यह सेक्शन नॉर्दर्न रेलवे के दिल्ली मंडल के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है। ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में किया गया है।

कितनी होगी स्पीड और कितना लगेगा समय?

जींद से सोनीपत के बीच यह ट्रेन लगभग दो घंटे में 89 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में इसका संचालन किया जाएगा। यह सेवा प्रतिदिन उपलब्ध रहेगी। इस रूट पर ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस ट्रेन का नियमित रखरखाव दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर डेड कंडीशन में लोकोमोटिव के जरिए जींद और शकूरबस्ती के बीच इसकी आवाजाही के लिए आवश्यक अनुमति भी सुनिश्चित की जाएगी।

इन 13 स्टेशनों पर होगा ठहराव

जींद और सोनीपत के बीच यात्रा के दौरान यह ट्रेन कुल 13 स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भंबेवा, ईशापुर खेरी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभरा, लाठ, मोहना हरियाणा, बड़वासनी और सोनीपत शामिल हैं।

क्या रहेगा ट्रेन का समय?

ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलेगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन की सबसे बड़ी खासियतें

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर दुनिया की सबसे लंबी 10 कोच वाली और 2400 किलोवाट क्षमता वाली सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन-सेट मानी जा रही है।

इस ट्रेन में 1200-1200 किलोवाट क्षमता वाली दो ड्राइविंग पावर कार लगाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता 2400 किलोवाट है। इसके अलावा इसमें आठ यात्री कोच भी शामिल हैं।

इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके संचालन के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होगा। हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग से केवल पानी की भाप निकलती है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

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