हापुड़ (उत्तर प्रदेश) के इंद्रलोक कॉलोनी में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गैंग का संचालन कोई पेशेवर गिरोह नहीं, बल्कि भाई-बहन की जोड़ी कर रही थी। पुलिस ने दोनों समेत गैंग के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे खुला राज: CCTV और सर्विलांस से मिली कड़ी
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। जांच के दौरान कुछ चेहरों की पहचान हुई, जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। धीरे-धीरे पूरी साजिश का खुलासा हो गया।
भाई-बहन की जोड़ी: रेकी से लेकर लूट तक की प्लानिंग:
पुलिस के मुताबिक, आरोपी भाई-बहन मिलकर घरों की पहले रेकी करते थे। वे यह देखते थे कि किस घर में कौन-कौन रहता है और कब घर खाली रहता है। इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देते थे।बताया जा रहा है कि महिला आरोपी को इलाके में शक कम होने का फायदा मिलता था, जिससे वह आसानी से जानकारी जुटा लेती थी।
वारदात का तरीका: सुनसान घर बने निशाना
गैंग खास तौर पर ऐसे घरों को निशाना बनाता था, जहां परिवार के लोग बाहर गए हों या घर कुछ समय के लिए खाली रहता हो। मौके का फायदा उठाकर आरोपी घर में घुसते और नकदी व जेवरात लेकर फरार हो जाते थे।
गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस को मिली सफलता
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से लूट का सामान भी बरामद किया गया है। पूछताछ में कई और वारदातों में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की जांच जारी: और खुलासों की उम्मीद
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने किन-किन इलाकों में वारदात को अंजाम दिया है और क्या इनके नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं।
पुलिस का बयान:
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया गया है।