अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को आज, यानी मंगलवार आधी रात करीब 12:30 बजे इलाज के लिए पाकिस्तान इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया। उनकी दाहिनी आंख में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूज़न (CRVO) बीमारी के इलाज के तहत एंटी-वीईजीएफ़ इंजेक्शन की दूसरी डोज़ दी गई।
यह इंजेक्शन PIMS के ऑपरेशन थिएटर में लगाया गया। रावलपिंडी स्थित अल शिफा आई हॉस्पिटल के रेटिना विशेषज्ञ डॉ. नदीम क़ुरैशी और PIMS के ऑप्थैल्मोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. मुहम्मद आरिफ ख़ान ने संयुक्त रूप से यह प्रक्रिया पूरी की। इससे पहले 24 जनवरी को उन्हें इसी उपचार की पहली डोज़ दी गई थी।
मिली जानकारी के अनुसार, इंजेक्शन लगाने से पहले इमरान ख़ान का ईसीजी (ECG) और ईको (ECO) टेस्ट भी किया गया। PIMS प्रशासन की ओर से कहा गया कि दोनों जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। हालांकि, अस्पताल की तरफ से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आंख में इंजेक्शन लगाए जाने से पहले हृदय संबंधी जांच क्यों कराई गई। बताया जा रहा है कि इमरान ख़ान पिछले साल जुलाई से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से भी जूझ रहे हैं।

इंजेक्शन दिए जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी और फिर वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। इसी महीने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने बैरिस्टर सलमान सफदर को इमरान ख़ान की सेहत से जुड़ी जानकारी देने के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। सलमान सफदर ने अदालत को बताया था कि इमरान ख़ान को दाहिनी आंख से केवल 15 प्रतिशत ही दिखाई दे रहा है।
इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने उनके इलाज को लेकर देशभर में प्रदर्शन भी किए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की मांग उठाई थी। हालांकि, सरकार ने 16 फरवरी को अदालत में PIMS और अल शिफा आई हॉस्पिटल की नई मेडिकल रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया कि 24 जनवरी को पहली डोज़ दिए जाने के बाद उनकी आंख की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।