विश्व स्तर पर सेक्स एजुकेशन और सेफ इंटरकोर्स को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं. इन अभियानों के ज़रिए खासकर युवाओं और किशोरों को सुरक्षित यौन संबंध और उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाती है. कई देशों ने सेक्स एजुकेशन और सेफ इंटरकोर्स को लेकर अपनी-अपनी रणनीतियाँ तैयार कर रखी हैं.
लेकिन आज हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बता रहे हैं, जिसने इस दिशा में ऐसा कदम उठाया है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर भी इस देश की नीति को लेकर आज तक बातें हो रही हैं.
वायरल रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस देश की सरकार ने युवाओं और किशोरों के लिए एक बड़ी पहल की है वहां पर कंडोम बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं. इस फैसले की गहराई में जाएं तो पता चलता है कि इस सुविधा का लाभ 18 साल से कम उम्र के लोग भी उठा सकते हैं.
दरअसल, यूरोप का यह देश फ्रांस यौन संबंधों से जुड़ी बीमारियों और अनचाहे गर्भधारण से बचाव के लिए यह कदम उठा चुका है.
फ्रांस सरकार का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित रखना और सेक्सुअल हेल्थ के प्रति जागरूक बनाना है.
अक्सर कम उम्र के लड़के-लड़कियां जानकारी की कमी या झिझक के चलते कंडोम खरीदने से कतराते हैं, जिससे वे अनजाने में जोखिम में पड़ जाते हैं.
यही वजह है कि वहां की सरकार चाहती है कि किसी भी व्यक्ति को कंडोम तक पहुंचने में न तो आर्थिक और न ही सामाजिक बाधा का सामना करना पड़े।रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस में कंडोम आसानी से फार्मेसी, यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर और क्लीनिक में उपलब्ध हैं. वहां का कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि कोई भी व्यक्ति चाहे उसकी उम्र 16 साल हो या 18 से ज्यादा मुफ्त में कंडोम ले सकता है.
इसका मतलब यह है कि अगर कोई किशोर भी खुद को सुरक्षित रखना चाहता है, तो उसे इसके लिए एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा. करीब 3-4 साल पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस पहल की घोषणा सार्वजनिक रूप से की थी.
मैक्रों ने कहा था कि युवाओं को सेक्सुअल हेल्थ के प्रति अधिक जागरूक होना चाहिए और यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित साधन मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएं.
राष्ट्रपति का साफ कहना था कि कंडोम तक आसान पहुंच जरूरी है, ताकि एड्स और अन्य यौन संक्रमणों का खतरा कम किया जा सके.
दरअसल, यह कदम अनचाहे गर्भधारण और यौन संचारित संक्रमणों (STIs) को रोकने और उनकी संख्या घटाने के उद्देश्य से उठाया गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले के बाद फ्रांस में ऐसे मामलों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है. हालांकि यह खबर पुरानी है, लेकिन आज भी इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है। लोग अब भी इस देश के बारे में जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसकी पहल पर चर्चा करते नहीं थकते.
लखनऊ। अलीगढ़ का एक मामला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हर तरफ…
उत्तर कोरिया से एक दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्वोच्च नेता…
कानपुर की वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सड़क हादसे ने एक बार…
लखनऊ। श्री जय नारायण मिश्रा पीजी कॉलेज में चल रही 53वीं श्रीमती सुंदरी देवी अंतर-महाविद्यालय…
बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर उदित नारायण एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनकी…
बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी और विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं।…