अगर आप भी उन इनवेस्टर्स में से हैं जो US स्टॉक्स Apple, Google, Tesla में पैसे लगाते हैं, या आपको अपनी कंपनी से ESOPs/RSUs मिले हैं, तो थोड़ा संभल जाइए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब काफी हाई टेक हो गया है और आपकी एक छोटी सी चूक आपको Black Money Act के चक्कर काटवा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब सिर्फ आपके PAN कार्ड पर भरोसा नहीं कर रहा। FATCA और CRS जैसे ग्लोबल समझौतों के जरिए भारत सरकार के पास अब आपके विदेशी बैंक खातों और शेयर्स का Real-Time Data पहुंच रहा है। अगर आपने अपने ITR में इन्हें छिपाया है, तो समझ लीजिए कि विभाग के पास ‘Nudge’ (चेतावनी वाले SMS और ईमेल) भेजने का पूरा मसाला तैयार है।
ये 3 गलतियां आपको ‘महंगी’ पड़ेंगी:
‘Schedule FA’ को इग्नोर करना
आईटीआर में एक ‘Schedule FA’ (Foreign Assets) नाम का कॉलम होता है। अगर आप भारत के निवासी हैं, तो आपको अपने हर एक विदेशी शेयर और बैंक अकाउंट की जानकारी यहाँ देनी होगी। जानकारी न देने पर 10 लाख रुपए सालाना तक का फाइन लग सकता है।
डिविडेंड का ‘झोल’
विदेशी कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड पर अक्सर विदेश में टैक्स कट जाता है। कई लोग सोचते हैं कि “टैक्स तो कट गया, अब इंडिया में क्यों बताऊं?” तो अगर अपने आआगे आसा किया तो इसे ‘Income from Other Sources’ में दिखाना अनिवार्य है। छिपाने पर टैक्स का 200% जुर्माना लग सकता है।
गलत ITR फॉर्म का चुनाव
विदेशी संपत्ति होने पर ITR-1 ) या ITR-4 आपके काम नहीं आएंगे। आपको ITR-2 या ITR-3 ही फाइल करना होगा। गलत फॉर्म भरा तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव आइटम में डाल दिया जाएगा।
बचने का रास्ता
सरकार ने उन लोगों के लिए एक सुनहरा मौका दिया है जिनसे अनजाने में पुरानी गलतियाँ हुई हैं। Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme (FAST-DS) 2026 के तहत:
यदि आपकी विदेशी संपत्ति 5 करोड़ रुपए तक है और आपने टैक्स भरा था लेकिन ‘Schedule FA’ में जानकारी देना भूल गए थे, तो आप मात्र 1 लाख रुपए की फ्लैट फीस देकर अपनी गलती सुधार सकते हैं। इससे आप भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बच जाएंगे।