भारतीय टीम ने टी-20 विश्व कप में शानदार शुरुआत की थी। लीग चरण में लगातार जीत दर्ज करते हुए टीम ने पाकिस्तान को हराकर अपनी दावेदारी भी मजबूत की थी।
हालांकि, सुपर-आठ के मुकाबले में मिली हार के बाद समीकरण बदल गए हैं। अब भारत को न केवल अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा, बल्कि अन्य टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी पड़ेगी। सेमीफाइनल की राह पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।
क्या है सेमीफाइनल का समीकरण?
टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह अब पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका के प्रदर्शन और अपने नेट रनरेट पर निर्भर हो गई है। भारत की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत ले। ऐसे में भारतीय टीम ग्रुप की अन्य टीमों जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से आगे निकल सकती है।
नेट रनरेट बनेगा अहम फैक्टर
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला मैच हारने के बाद भारत का नेट रनरेट काफी गिरकर -3.800 तक पहुंच गया है। ऐसे में टीम इंडिया को अपने शेष दोनों मुकाबलों में बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी, ताकि आगे चलकर नेट रनरेट के आधार पर कोई नुकसान न हो। यदि पॉइंट्स बराबर होने की स्थिति बनती है, तो बेहतर नेट रनरेट वाली टीम को फायदा मिलेगा।
एक जीत से क्या बदलेगा समीकरण?
अगर भारत सुपर-8 के बाकी दो मैचों में से सिर्फ एक में जीत हासिल करता है, तो सेमीफाइनल की राह लगभग मुश्किल हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया आगामी दोनों मुकाबलों में किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरती है और जीत को अपने नाम करती है।