नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव की आंच अब भारत के उद्योगों तक पहुंचने लगी है। ईरान-अमेरिका-इजरायल टकराव के कारण गैस सप्लाई में आई भारी कमी का असर अब देश की बड़ी कंपनियों पर भी दिखने लगा है। भारत की प्रमुख धातु कंपनी Hindalco Industries ने गैस की गंभीर कमी के चलते अपने एक्सट्रूडेड एल्यूमिनियम का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है।
कंपनी ने 11 मार्च को अपने ग्राहकों को नोटिस भेजकर “फोर्स मेज्योर” घोषित कर दिया। इसका मतलब यह है कि मौजूदा हालात कंपनी के नियंत्रण से बाहर हैं, इसलिए वह अपने कई सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स को फिलहाल पूरा नहीं कर पाएगी। यह कदम उस समय उठाया गया है जब मध्य पूर्व में युद्ध के चलते ऊर्जा सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
युद्ध की वजह से गैस संकट गहराया
विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान से जुड़े युद्ध तनाव के कारण मध्य पूर्व में जहाजरानी और ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। खासकर Strait of Hormuz से गैस और तेल की आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इसका असर भारत सहित कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।
भारत में स्थिति यह हो गई है कि गैस की कमी से बचने के लिए सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों की गैस सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है, ताकि घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहे। एक्सट्रूडेड एल्यूमिनियम बनाने की प्रक्रिया में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल होता है, इसलिए इस सेक्टर पर सीधा असर पड़ा है।
कई उद्योगों पर पड़ सकता है असर
एक्सट्रूडेड एल्यूमिनियम का इस्तेमाल निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल जैसे कई अहम क्षेत्रों में होता है। ऐसे में अगर यह संकट लंबा चलता है तो इन उद्योगों की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि कंपनी का कहना है कि उसके एल्यूमिनियम स्मेल्टर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, क्योंकि वहां मुख्य रूप से बिजली का इस्तेमाल होता है। फिलहाल कंपनी वैकल्पिक व्यवस्थाएं तलाशने की कोशिश कर रही है ताकि उत्पादन जल्द से जल्द फिर से शुरू किया जा सके।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व का संकट जल्दी नहीं थमा तो इसका असर सिर्फ ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक मेटल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।