हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. दरअसल भल्लू इलाके में अचानक हुए इस भीषण भूस्खलन ने यात्रियों से खचाखच भरी बस को पलभर में मलबे में दबा दिया. चीख-पुकार से गूंजते इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है. इस हादसे में करीब 18 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताये जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, बस मरोतन से घुमारवीं की ओर जा रही थी, तभी अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा बस पर आ गिरा. बताया जा रहा है कि हादसे वाले क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही थी.
हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है. अब तक 16 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं. दो बच्चों को जिंदा बचाकर अस्पताल भेजा गया है.
बचाव कार्य में जुटे एक चश्मदीद के मुताबिक, “पलभर में पहाड़ का हिस्सा टूटकर बस पर गिर पड़ा. अंदर बैठे लोगों के बचने की संभावना बेहद कम थी.” फिलहाल पुलिस, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर राहत कार्य में लगी हैं.
राष्ट्रपति मुर्मू सहित नेताओं ने जताया शोक
इस दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है.
राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भूस्खलन से हुई बस दुर्घटना का समाचार अत्यंत दुखद है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.”

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और बचाव कार्य तेजी से जारी है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की.
कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दुर्घटना पर शोक जताते हुए अक्स पर लिखा कि ‘हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में भूस्खलन के चलते हुआ दर्दनाक बस हादसा जिसमें कई लोगों की मृत्यु की ख़बर है, बेहद पीड़ादायक व दुर्भाग्यपूर्ण है.राज्य सरकार द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है. मुख्यमंत्री व्यक्तिगत तौर पर राहत और बचाव के कार्य को देख रहे हैं और सरकार पीड़ितों की हर संभव मदद कर रही है.शोकाकुल परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं. हम उनके साथ खड़े हैं.’
दूसरी ओर हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने भी हादसे पर दुख जताया है और अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं.