उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) इस वक्त विवादों के घेरे में है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने संस्थान में ‘लव जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ के खेल का आरोप लगाते हुए हजरतगंज में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
हिंदू संगठनों ने संस्थान के प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:
नियुक्तियों की जांच: वर्ष 2021 से 2025 के बीच हुई सभी नियमित और एड-हॉक (संविदा) नियुक्तियों, विशेषकर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
OSD को हटाने की मांग: प्रदर्शनकारियों ने कुलपति के ओएसडी अब्बास को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान नियुक्तियों में पक्षपात हुआ है।

लव जिहाद का आरोप: कई कार्यकर्ताओं ने “लव जिहाद बंद करो” के नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि संस्थान के अन्दर सोची-समझी तरीके से धर्मांतरण और लव जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हुई| कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डीसीपी (DCP) को सौंपा, जिसमें कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। हिंदू संगठनों द्वारा संस्थान परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के ऐलान के बाद KGMU की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
परिसर में किसी भी घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात की गई है।

चेतावनी और अगला कदम
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल, पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों को शांत करने और संस्थान में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास में जुटा है।