नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz को लेकर सोशल मीडिया पर एलपीजी यानी खाना पकाने की गैस की सप्लाई को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में कहा कि देश में कुकिंग गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है।
लोकसभा में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अफवाहों की वजह से लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे पैनिक बुकिंग की स्थिति बन रही है। उन्होंने साफ कहा कि असल में एलपीजी की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ा है और देश में पर्याप्त गैस उपलब्ध है।
एलपीजी के आयात स्रोतों में बड़ा बदलाव
पुरी ने बताया कि पहले भारत अपनी करीब 60% एलपीजी जरूरत गल्फ देशों जैसे Qatar, United Arab Emirates, Saudi Arabia और Kuwait से आयात करता था, जबकि लगभग 40% जरूरत घरेलू उत्पादन से पूरी होती थी। लेकिन अब सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात के स्रोतों में विविधता ला दी है। अब गल्फ के अलावा United States, Norway, Canada, Algeria और Russia से भी एलपीजी कार्गो मंगवाए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह लंबे समय की रणनीति का हिस्सा है, ताकि भारत किसी एक क्षेत्र पर निर्भर न रहे और ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।
घरेलू उत्पादन बढ़ा, लोगों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील
सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को भी निर्देश दिए हैं कि ज्यादा से ज्यादा एलपीजी तैयार की जाए। इसके चलते पिछले कुछ दिनों में एलपीजी उत्पादन करीब 28% तक बढ़ गया है। अतिरिक्त गैस को सीधे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भेजा जा रहा है और देश के करीब 33 करोड़ परिवारों की रसोई को प्राथमिकता दी जा रही है।
मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और घबराहट में सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग या स्टॉक करने से बचें। उन्होंने कहा कि डिलीवरी साइकिल पहले की तरह सामान्य है और सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी, यही वजह है कि देश में आने वाला करीब 70% कच्चा तेल अब नॉन-हॉर्मुज रूट से भी लाया जा रहा है।