अमेरिका और दुनिया के बाकी देशों के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि इजरायल-हमास युद्ध के बाद गाजा को कौन संभालेगा, लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि हमास धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फिर से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. स्थानीय लोगो का कहना है कि ‘इजरायली सेना के कुछ इलाकों से पीछे हटने के बाद, हमास न सिर्फ सुरक्षा के मामलों में, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन में भी अपनी पकड़ बनाना शुरू कर दिया है’.
हमास जिंदा है?
रिपोर्ट्स की माने तो हमास न सिर्फ लौट आया है बल्कि गाजा के बाजारों में, हमास के लोग अब चिकन जैसे ज़रूरी सामान के रेट तय कर रहे हैं. निवासियों का कहना है कि बाहर से मंगाए गए सामान, जैसे पेट्रोल/डीजल और सिगरेट, पर हमास टैक्स ले रहा है। हालांकि, हमास सरकार कहती है कि वे टैक्स नहीं ले रहे, बल्कि लोगों की भलाई के लिए चीज़ों की कीमतें काबू करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.
शांति वार्ता के बाद जैसे ही जंग रुकी, हमास ने उन इलाकों पर तेज़ी से कंट्रोल कर लिया जहां से इजरायल हटा था. इस दौरान उसने दर्जनों फिलिस्तीनियों को मार डाला, जिन पर जासूसी या चोरी का इल्जाम था. इससे हमास के विरोधियों में डर फैल गया है. गाजा में आने-जाने वाले हर सामान और गाड़ी पर हमास के लोग कड़ी नज़र रख रहे हैं और रास्ते में चेक प्वाइंट भी लगा चुके हैं।
खतरे में है शांति?
पश्चिमी देश और अरब मुल्क चाहते हैं कि हमास हथियार डाल दे और सत्ता छोड़ दे, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि हमास की जगह कौन लेगा. वहीं अमेरिका ने नई सरकार बनाने की योजना तो दी है, लेकिन इस प्रक्रिया में देरी भी हो रही है.
विश्लेषकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया के देश जितनी देर करेंगे, हमास की जड़ें उतनी ही गहरी होती जाएंगी. हमास के एक प्रवक्ता ने कहा है कि ‘वे नई सरकार को सत्ता सौंपने को तैयार हैं, लेकिन वे ऐसा तभी करेंगे जब गाजा में गड़बड़ी या भगदड़ न मचे’. फिलहाल, गाजा के लोग अस्थिरता और बढ़ती हुई महंगाई से अब भी जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता का संघर्ष अभी भी जारी है.