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ट्रंप शांति का दावा बेअसर — गाजा में सीजफायर के पांचवे दिन भी कत्लेआम! हमास ने लोगों की आंखों पर पट्टी बांधकर बीच सड़क पर उतारा मौत के घाट

गाजा में दो साल बाद बमबारी थमने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुए सीजफायर समझौते के बाद पूरी दुनिया को उम्मीद थी कि अब इस जंग से तबाह इलाके में शांति लौटेगी, मगर जमीन पर तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है.

आंख पर पट्टी बांध, मार दी बीच सड़क पर गोली

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (14 अक्टूबर) को हमास ने गाजा के खंडहर हो चुके इलाकों में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. इसी के साथ उसने “गद्दारी” के आरोप में लोगों को मौत के घाट उतार दिया है. बताया जा रहा है कि हमास ने अपने आधिकारिक चैनल पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि आंखों पर पट्टी बांधे आठ संदिग्धों को घुटनों के बल बैठाकर बीच सड़क पर गोली मार दी जाती है.वीडियो में हमास के बंदूकधारी लड़ाके भीड़ के बीच यह कार्रवाई करते दिखे, जिसमें कई नाबालिग भी मौजूद थे. हमास का दावा है कि मारे गए लोग इजरायली एजेंसियों के लिए मुखबिरी कर रहे थे और संगठन के “कानून” का उल्लंघन कर रहे थे.

एक तरफ संघर्षविराम , दूसरी तरफ कत्लेआम

जानकारी के मुताबिक यह घटना सीजफायर के पांचवें दिन की है, जब हमास और इजरायल के बीच संघर्षविराम लागू था. उसी दौरान गाजा के कुछ इलाकों में हमास की सुरक्षा इकाइयों और अन्य सशस्त्र गुटों के बीच झड़पें जारी थीं. जैसे ही इजरायली सेना गाजा शहर से पीछे हटी, हमास की नकाबपोश पुलिस ने फिर से सड़कों पर गश्त शुरू कर दी.

बेअसर रही ट्रंप की चेतावनी ?

वहीं दूसरी तरफ सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को सख्त चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर हमास ने हथियार नहीं डाले, तो अमेरिका “जबरन” उन्हें निशस्त्र करेगा. ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि हमास के प्रतिनिधियों ने उनसे कहा है कि वे सभी हथियार छोड़ देंगे—‘लेकिन अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो हम उनसे छुड़वा लेंगे.’

कमजोर पड़ रहीं शांति की उम्मीदें

अमेरिकी हस्तक्षेप से शुक्रवार से लागू हुए सीजफायर के बावजूद शांति की उम्मीदें कमजोर पड़ रही हैं. हमास ने अब तक 20 इजरायली बंधकों को रिहा किया है, जबकि इजरायल ने भी सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ दिया है. इसके बावजूद तनाव खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा है.

गाजा में फिलहाल बम नहीं गिर रहे, लेकिन सड़कों पर बंदूकें अभी भी बोल रही हैं. ऐसे में सवाल यही है — क्या यह युद्ध वास्तव में खत्म हुआ है या यह बस एक नई जंग की भूमिका है?

news desk

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