बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स की जानी-मानी बासमती चावल निर्यातक कंपनी जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड ने अपने निवेशकों को साल के अंत में शानदार तोहफा दिया है। कंपनी ने अपने 2:1 बोनस शेयर इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट तय कर दी है। 18 दिसंबर 2025 को कंपनी ने बताया कि बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट होगी। इसका सीधा मतलब है कि जिन शेयरधारकों के पास इस तारीख तक कंपनी का शेयर होगा, उन्हें हर 1 शेयर पर 2 बोनस शेयर मिलेंगे और उनकी कुल हिस्सेदारी तीन गुना हो जाएगी।
इस बोनस इश्यू की घोषणा पहले ही 13 नवंबर 2025 को बोर्ड मीटिंग में कर दी गई थी, लेकिन तब रिकॉर्ड डेट का खुलासा नहीं हुआ था। अब डेट सामने आने के बाद शेयर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल ताकत
1995 में स्थापित जीआरएम ओवरसीज, हरियाणा के पानीपत से ऑपरेट करती है और बासमती चावल की मिलिंग, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग में मजबूत पकड़ रखती है। कंपनी ब्रांडेड और नॉन-ब्रांडेड दोनों सेगमेंट में काम करती है और हाल के वर्षों में मसाले और चक्की ताज़ा आटा जैसे प्रोडक्ट्स भी अपने पोर्टफोलियो में जोड़ चुकी है। इसके टैनूश और 10एक्स जैसे ब्रांड्स इंटरनेशनल मार्केट में भारतीय प्रीमियम बासमती की मांग को पूरा कर रहे हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 9 महीनों और सितंबर 2025 तक के पिछले 12 महीनों में कंपनी ने करीब 1,352 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 67.9 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग 2,885 करोड़ रुपये है, जो पिछले एक साल में करीब 144% की जबरदस्त बढ़त दिखाता है।
शेयर की चाल और निवेशकों के लिए मायने
शेयर बाजार में जीआरएम ओवरसीज ने निवेशकों को निराश नहीं किया है। पिछले एक साल में शेयर करीब 140% चढ़ चुका है और 2025 में अब तक 135% से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है। हालिया कारोबार में शेयर का भाव करीब 472 रुपये रहा, जो

जनवरी 2025 के निचले स्तर से लगभग 168% ऊपर है। बोनस की घोषणा के बाद शेयर ने नए हाई की ओर तेजी दिखाई है।
बोनस इश्यू की टाइमलाइन पर नजर डालें तो 9 दिसंबर 2025 को इसे मंजूरी देने के लिए EGM हुई, 18 दिसंबर को रिकॉर्ड डेट घोषित की गई और अनुमान है कि 26 दिसंबर 2025 तक बोनस शेयरों का आवंटन पूरा हो जाएगा। एनएसई ने भी 19 दिसंबर को बोनस शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग से जुड़ा सर्कुलर जारी कर दिया है। जिन निवेशकों के पास अभी फिजिकल शेयर हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे समय रहते उन्हें डिमैट में बदल लें।
निवेशकों के लिए यह बोनस लंबे समय से जुड़े शेयरधारकों को मिलने वाला इनाम है। बोनस के बाद शेयर की कीमत एडजस्ट होने से लिक्विडिटी बढ़ेगी और नए निवेशकों के लिए एंट्री आसान हो सकती है। हालांकि बोनस से कंपनी की असली वैल्यू अपने आप नहीं बढ़ती, लेकिन यह मैनेजमेंट के भरोसे और भविष्य की ग्रोथ को लेकर एक पॉजिटिव संकेत जरूर देता है।
कुल मिलाकर, 2025 जीआरएम ओवरसीज के लिए शानदार साल साबित हो रहा है। मजबूत नतीजे और शेयरधारक-फ्रेंडली फैसलों ने कंपनी को निवेशकों की पसंदीदा बना दिया है। क्रिसमस से ठीक पहले मिलने वाला यह 2:1 बोनस शेयरधारकों के लिए किसी खास गिफ्ट से कम नहीं है।