अगर आप हाल-फिलहाल में कहीं फ्लाइट से ट्रैवल करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर सीधा आपकी जेब से जुड़ी है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल “ATF” यानी जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। 1 अगस्त से नई दरें लागू हो चुकी हैं, जिसके तहत ATF के दामों में लगभग 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लेकिन जेट फ्यूल के दाम बढ़ने से आपका क्या लेना-देना? आसान शब्दों में समझें तो ATF वही ईंधन है जिसका इस्तेमाल कमर्शियल एयरलाइंस अपने विमानों को उड़ाने के लिए करती हैं। किसी भी एयरलाइन कंपनी का सबसे बड़ा खर्च उसके फ्यूल का होता है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी फ्लाइट को ऑपरेट करने की कुल लागत में अकेले फ्यूल की हिस्सेदारी 40% से 50% तक होती है। ऐसे में अगर फ्यूल महंगा होता है, तो कंपनियों के पास अपनी जेब से घाटा सहने के विकल्प बेहद सीमित हो जाते हैं।
कीमतों में इस उछाल के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बदलती दरें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां मुख्य वजह मानी जा रही हैं। तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को ATF की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हाल के महीनों में आई इस ताजा बढ़ोतरी ने एयरलाइंस के बजट को हिला कर रख दिया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही अनिश्चितता के कारण तेल के दामों में यह उतार-चढ़ाव पहले से ही अपेक्षित था।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इसका सीधा असर आपकी अगली ट्रिप या बिज़नेस ट्रैवल पर पड़ेगा? इसका जवाब है—हां, बिल्कुल! एयरलाइंस अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ आखिरकार यात्रियों के कंधों पर ही डालती हैं। फ्यूल सरचार्ज बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल, दोनों ही रूटों पर फ्लाइट टिकटों के दाम 5% से 10% तक महंगे हो सकते हैं। इसका सीधा मतलब है कि आपको अपने वीकेंड गेटवे या फेस्टिव ट्रैवल के लिए थोड़ा ज्यादा बजट रखना होगा।
विमानन क्षेत्र पहले से ही हाई ऑपरेटिंग कॉस्ट और तीखी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है। ऐसे में जेट फ्यूल की कीमतों में यह नई बढ़ोतरी कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बनाएगी। इंडिगो, एयर इंडिया और विस्तार जैसी प्रमुख एयरलाइंस के पास अब टिकटों के दाम बढ़ाने या फिर अपनी फ्यूल एफिशिएंसी सुधारने के अलावा कोई बड़ा रास्ता नहीं बचता।
एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर आप आने वाले महीनों में किसी सफर की योजना बना रहे हैं, तो समझदारी इसी में होगी कि आप आखिरी वक्त का इंतजार करने के बजाय टिकटें पहले ही बुक कर लें। जैसे-जैसे नई दरें पूरी तरह लागू होंगी, हवाई सफर का किराया और चढ़ सकता है।
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