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L’Oreal शैम्पू से बिस्कुट रेसिपी तक… अब AI डिसाइड करेगा आपका टेस्ट! FMCG कंपनियों का ‘सुपर-स्मार्ट’ गेम प्लान

आपने कभी सोचा है कि जो शैम्पू आप बाल धोने के लिए इस्तेमाल करते हैं या जो बिस्कुट आप चाय के साथ खाते हैं, उन्हें बनाने के पीछे किसी “साइंटिस्ट” के साथ-साथ एक “सुपर स्मार्ट कंप्यूटर” आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी दिमाग हो सकता है, दुनिया की सबसे बड़ी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और FMCG कंपनियां अब नए-नए प्रोडक्ट्स इन्वेंट करने और अपनी कॉस्ट कम करने के लिए AI का जोरों से इस्तेमाल कर रही हैं। हालिया सामने आए कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस टेक रेवोल्यूशन से मार्केट में नए प्रोडक्ट्स आने की स्पीड 4 गुना तक बढ़ गई है।

स्किनकेयर का फॉर्मूला अब बालों के शैम्पू में!

दुनिया की मशहूर कॉस्मेटिक्स कंपनी लॉरेल “L’Oreal” ने AI की मदद से एक बड़ा कारनामा किया है। कंपनी ने AI टूल्स का इस्तेमाल करके उन स्किन-कैंपेन मॉलिक्यूल्स की पहचान की, जो बालों के लिए भी गेम-चेंजर हो सकते थे। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्होंने एक नया ‘कोलेजन लिफ्टर’ शैम्पू तैयार किया, जो बालों को इंस्टेंट वॉल्यूम देता है। लॉरेल के मुताबिक, पहले जिस प्रोडक्ट को डेवलप करने में सालों लग जाते थे, अब AI की वजह से वह 4 गुना तेजी से तैयार हो रहे हैं।

AI ने बनाई ओरियो और कैडबरी की नई रेसिपी

सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि जो चीज़ें आप खाते हैं उनमें भी AI का तड़का लग रहा है। कैडबरी और ओरियो बिस्कुट बनाने वाली कंपनी मोंडेलेज़ ‘Mondelez’ और मैग्गी-नेस्कैफे की पेरेंट कंपनी नेस्टले ‘Nestle’ भी इस रेस में सबसे आगे हैं।

मोंडेलेज़ ने AI का इस्तेमाल करके “ग्लूटेन-फ्री गोल्डन ओरियो” और “चिप्स अहोय” Chips Ahoy कुकीज़ का एक बिल्कुल नया और अपग्रेडेड फॉर्मूला तैयार किया है। हैरानी की बात यह है कि बिस्कुट कैटेगरी में AI द्वारा सुझाई गई 60% रेसिपीज ने न्यूट्रिशन, टेस्ट और कॉस्ट के मामले में इंसानी दिमाग से कहीं बेहतर परफॉर्म किया है।

कम खर्च और सुपर-फास्ट स्पीड

इस नए ट्रेंड से कंपनियों को सबसे बड़ा फायदा समय और पैसे का हो रहा है। AI की वजह से कंपनियों को नए आइडियाज टेस्ट करने के लिए बार-बार फिजिकल लैब्स में बड़े एक्सपेरिमेंट्स नहीं करने पड़ते। AI कंप्यूटर पर ही लाखों कॉम्बिनेशंस को कुछ ही सेकेंड्स में स्कैन करके सबसे बेस्ट फॉर्मूला निकाल देता है। इससे सप्लाई चेन की दिक्कतें दूर हो रही हैं और नए प्रोडक्ट्स सुपर-फास्ट स्पीड से मार्केट में पहुंच रहे हैं।

आखिर क्यों पड़ी कंपनियों को AI की ज़रूरत?

आजकल ग्लोबली महंगाई बढ़ रही है और कंज्यूमर्स का टेस्ट भी बहुत तेज़ी से बदल रहा है। ऐसे में कंपनियों पर इस बात का भारी दबाव है कि वे कम से कम खर्चे में ऐसे इनोवेटिव प्रोडक्ट्स बनाएं जो यूथ और नए जनरेशन को पसंद आएं। AI इस प्रेशर को हैंडल करने में कंपनियों का सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है।

news desk

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