नई दिल्ली : बिहार कैडर के 1994 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद से हटाने की मांग की है। इस पत्र के सामने आते ही राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अमिताभ दास, जो फिलहाल बिहार विप्लवी परिषद के चेयरमैन हैं, ने 9 फरवरी 2026 को लिखे अपने पत्र में जेफरी एप्सटीन मामले का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि एप्सटीन फाइल्स में नाम आने के बाद मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए।
यह पत्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर भारत सरकार पहले ही अपना पक्ष साफ कर चुकी है। विदेश मंत्रालय ने जनवरी 2026 में कहा था कि एप्सटीन से जुड़े जिन ईमेल्स में प्रधानमंत्री का उल्लेख बताया जा रहा है, वे सिर्फ 2017 की इजरायल यात्रा से संबंधित संदर्भ हैं और बाकी दावों को “एक दोषसिद्ध अपराधी की तुच्छ कल्पनाएं” बताते हुए खारिज किया था।
फिलहाल राष्ट्रपति भवन या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पूर्व आईपीएस अधिकारी का यह कदम सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही को लेकर नई बहस जरूर छेड़ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों और सरकार की प्रतिक्रियाएं क्या रहती हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।