वाशिंगटन/मिंडेलो। कहते हैं कि ऊपर वाले के घर में देर है, अंधेर नहीं। फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के एक मुकाबले ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने पेट पालने के लिए कभी सड़कों पर बस चलाई, कभी बिजली के तार जोड़े (इलेक्ट्रीशियन का काम किया), उसने 40 साल की उम्र में दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच पर ऐसा इतिहास रच दिया है कि पूरी दुनिया आज उसे सलाम कर रही है। हम बात कर रहे हैं केप वर्दे (Cape Verde) के जांबाज गोलकीपर वोजिन्हा (Vozinha) की, जिन्होंने पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन के धाकड़ स्ट्राइकर्स के पसीने छुड़ा दिए।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में स्पेन की टीम जीत के इरादे से उतरी थी। मैदान पर स्पेन का दबदबा ऐसा था कि पूरे मैच में 72 प्रतिशत समय बॉल उनके पास रही। लेकिन स्पेनिश टीम की हर खतरनाक किक और हर हेडर को केप वर्दे के 40 साल 12 दिन के गोलकीपर जोसिमर डायस उर्फ ‘वोजिन्हा’ ने नाकाम कर दिया।
90 मिनट के खेल के बाद यह मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए वोजिन्हा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। वह फीफा विश्व कप के इतिहास में डेब्यू करने वाले केप वर्दे के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। इस करिश्माई मैच के चंद घंटों के भीतर ही सोशल मीडिया पर उनके 12.7 मिलियन (1.2 करोड़ से ज्यादा) इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बढ़ गए।
3 जून 1986 को जन्मे वोजिन्हा का शुरुआती जीवन बेहद गरीबी और तंगहाली में बीता। फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को जिंदा रखने और परिवार का गुजारा करने के लिए उन्होंने लंबे समय तक बस ड्राइवर और इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम किया।
वह साल 2012 से केप वर्दे की नेशनल टीम का हिस्सा हैं और 4 बार ‘अफ्रीका नेशन्स कप’ खेल चुके हैं, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप खेलने का उनका सपना 40 की उम्र में आकर पूरा हुआ। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर ‘जोसिमर’ के नाम पर उनका नाम रखा गया था और आज उन्होंने अपने नाम को पूरी तरह सार्थक कर दिया है।
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जहां पूरा केप वर्दे जश्न मना रहा था, वहीं मैदान पर वोजिन्हा के आंसू छलक पड़े। भावुक वोजिन्हा ने मीडिया को बताया कि उनकी मां यूएसए का वीजा न मिलने के कारण उन्हें स्टेडियम में लाइव खेलते हुए नहीं देख पाईं।
अथॉरिटी का बड़ा एक्शन: वोजिन्हा के इन आंसुओं और उनकी संघर्ष की कहानी ने अमेरिकी दूतावास और संबंधित अधिकारियों का दिल पिघला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए वोजिन्हा की मां के पासपोर्ट और वीजा की अड़चनों को दूर कर दिया है। अब जल्द ही उनकी मां अमेरिका पहुंचकर अपने बेटे को वर्ल्ड कप के अगले मैचों में लाइव खेलते हुए देखेंगी।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-K से एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। स्पेन के बाद पुर्तगाल की टीम भी अपनी पहली जीत के लिए तरस गई। कांगो (Congo) के चट्टान जैसे मजबूत डिफेंस के सामने दुनिया के सबसे महान स्ट्राइकर्स में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) पूरी तरह बेबस नजर आए। कांगो ने पुर्तगाल को गोलरहित ड्रॉ (0-0) पर रोक दिया, जिसके चलते रोनाल्डो इस मैच में एक भी गोल दागने में नाकाम रहे।
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