आज कल पूरे देश में नकली और असली का फर्क करना मुश्किल हो गया है. कभी दवाइयां तो कभी दूध तो कभी नकली सब्जियां बरामद होती रहती है. लेकिन क्या हो की अगर किसी ट्रेन का चालक ही नकली निकल जाए. ऐसा होता है तो एक साथ हजारों जिंदगियां ख़तरे में पड़ जाएंगी.
कुछ ऐसा ही हुआ है इटावा रेलवे स्टेशन पर, गुरुवार को एक चौंकाने वाली घटना ने सभी को हैरान कर दिया. कालका नेताजी एक्सप्रेस के इंजन में एक युवक बड़ी सहजता से बैठा हुआ था और खुद को ट्रेन का लोको पायलट बता रहा था. लेकिन कुछ देर बाद असली ड्राइवर राजेंद्र कुमार मीणा की नजर उसकी हरकतों पर पड़ी ड्राइवर को लगा कि युवक ट्रेन चलाने के तरीके और इंजन के संचालन से अनजान है. उसने बातचीत के दौरान भी कई बार गड़बड़ियां कीं. यहीं से राजेंद्र मीणा को शक गहराया कि कहीं यह युवक असली पायलट न होकर कोई फर्जी तो नहीं. उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी और ट्रेन को इटावा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर रोकने का आदेश मिला.
2 साल से रेलवे को दे रहा था धोखा!
प्लेटफॉर्म नंबर चार पर ट्रेन रोकी गई तो रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपी को इंजन से उतारकर दबोच लिया. उसकी पहचान आकाश कुमार, निवासी फिरोजाबाद के रूप में हुई. गिरफ्तारी के वक्त उसने पूरी वर्दी पहन रखी थी, गले में नकली आईडी कार्ड और नाम पट्टी लटक रही थी. उसके पास से लाल और हरी झंडियां व लॉग बुक भी मिली. जांच में खुलासा हुआ कि आकाश सिर्फ दसवीं तक पढ़ा है, लेकिन पिछले दो सालों से अलग-अलग ट्रेनों में फर्जी पायलट बनकर घूम रहा था. बताया जा रहा है कि उसका एक दोस्त असली लोको पायलट है, उसी को देखकर उसने वर्दी और पहचान पत्र का इंतजाम कर लिया और खुद को रेलवे का अधिकारी बताने लगा. पुलिस को शक है कि वह नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी भी करता रहा है.
पुलिस कर रही आतंकी एंगल की जांच?
पूछताछ में आरोपी बार-बार यही कहता रहा कि वह सिर्फ टिकट के पैसे बचाने के लिए ऐसा करता था. मगर RPF और GRP को यकीन नहीं है, उन्हें आशंका है कि इस पूरे खेल के पीछे कोई बड़ा गिरोह या धोखाधड़ी का नेटवर्क हो सकता है. आरपीएफ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के अनुसार, युवक को जीआरपी इटावा के हवाले कर दिया गया है. कार्रवाई में महिला कांस्टेबल चांदनी और अन्य जवानों की अहम भूमिका रही. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले टूंडला में भी एक नकली टीटीई पकड़ा गया था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. अब यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे इन मामलों की गहराई से जांच कर रहा है और सुरक्षा घेरा और सख्त करने की तैयारी में है.