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कार बेच दी, फिर भी आपके नाम कट रहा चालान? ये 3 जरूरी काम नहीं किए तो मुश्किल में पड़ सकते हैं आप

नई दिल्ली: नई कार खरीदने के बाद पुरानी गाड़ी बेचना अब आम बात हो गई है, लेकिन कई लोग वाहन बेचने के बाद एक ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिसकी वजह से महीनों बाद भी उनके नाम पर ई-चालान जारी होते रहते हैं। इतना ही नहीं, यदि बेची गई गाड़ी किसी दुर्घटना या ट्रैफिक नियम उल्लंघन में शामिल हो जाए तो कानूनी जिम्मेदारी भी पुराने मालिक पर आ सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह आरसी ट्रांसफर यानी वाहन स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी न होना है।

गाड़ी बेचते समय सबसे पहले करें ये जरूरी काम

विशेषज्ञों के अनुसार वाहन बेचते समय सबसे पहले डिलीवरी नोट तैयार करना चाहिए। इसमें वाहन सौंपने की तारीख, समय और खरीदार व विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर होना जरूरी है। इसके साथ ही फॉर्म-29 और फॉर्म-30 पर भी खरीदार के हस्ताक्षर अवश्य करवाएं। भविष्य में यदि वाहन किसी हादसे या गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन में शामिल होता है तो यही दस्तावेज यह साबित करने में मदद करेंगे कि उस समय वाहन आपके कब्जे में नहीं था।

14 दिन के भीतर RTO को देना होता है सूचना

मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन बेचने के बाद केवल खरीदार ही नहीं, बल्कि विक्रेता की भी जिम्मेदारी होती है कि वह 14 दिनों के भीतर संबंधित आरटीओ को इसकी लिखित जानकारी दे। इसके लिए बिक्री से जुड़े दस्तावेज, डिलीवरी नोट और ट्रांसफर फॉर्म की प्रतियां जमा करें तथा उसकी रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। इससे आरटीओ रिकॉर्ड में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और भविष्य में कानूनी जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

RC ट्रांसफर नहीं हुआ तो क्यों बढ़ सकती है परेशानी?

कई मामलों में लोग वाहन बेचने के बाद केवल पैसे लेकर चाबी नए मालिक को सौंप देते हैं, लेकिन आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी नहीं करवाते। ऐसे में सरकारी रिकॉर्ड में वाहन का मालिक पुराना व्यक्ति ही बना रहता है। परिणामस्वरूप ट्रैफिक चालान, नोटिस और अन्य कानूनी कार्रवाई उसी के नाम पर जारी होती रहती है।

गलती से आपके नाम आ जाए ई-चालान तो क्या करें?

यदि आरसी ट्रांसफर पूरा होने से पहले आपके नाम पर ई-चालान जारी हो जाता है तो इसकी शिकायत आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर की जा सकती है। शिकायत दर्ज करते समय यह स्पष्ट बताना होगा कि वाहन पहले ही बेचा जा चुका है। इसके साथ डिलीवरी नोट, बिक्री रसीद और खरीदार के पहचान पत्र की प्रति सबूत के रूप में अपलोड करनी होगी। जांच के बाद ट्रैफिक विभाग चालान सही व्यक्ति के नाम पर स्थानांतरित कर सकता है।

वाहन बेचने के बाद दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करना क्यों जरूरी है?

वाहन बेचने के बाद केवल भुगतान लेना पर्याप्त नहीं होता। यदि स्वामित्व हस्तांतरण और अन्य जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की जाती तो भविष्य में चालान, कानूनी नोटिस और दुर्घटना से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी पुराने मालिक पर आ सकती है। इसलिए वाहन बिक्री के साथ सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करना बेहद जरूरी है।

 

vineet verma

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