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Ethanol Blending: क्या इथेनॉल वाला पेट्रोल आपकी गाड़ी का माइलेज घटा रहा है? सरकार ने दिया सीधा जवाब

नई दिल्ली। अगर आप भी अपनी गाड़ी में ‘इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल’ (Ethanol Blended Petrol) भरवाते हैं और माइलेज कम मिलने से परेशान हैं, तो पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान आपके लिए जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इथेनॉल के बढ़ते मिश्रण का असर वाहनों के प्रदर्शन पर कैसा होगा और भविष्य में भारत की क्या योजना है।

रेसिंग कारों में इथेनॉल का जलवा, क्या आम गाड़ियों के लिए भी है बेहतर?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इथेनॉल के बचाव में एक दिलचस्प तर्क दिया है। उन्होंने कहा कि रेसिंग कारों में इथेनॉल का उपयोग न केवल सफल रहा है, बल्कि यह इंजन की रफ्तार और परफॉर्मेंस को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहा है।

मंत्री ने बताया कि इथेनॉल की ऑक्टेन रेटिंग (108 RON) काफी अधिक होती है। इसके प्रमुख फायदे ये हैं:

  • इंजन की सुरक्षा: यह इंजन में ‘नॉकिंग’ (Knocking) की समस्या को कम करता है।
  • बेहतर कूलिंग: उच्च ऑक्टेन रेटिंग इंजन को ठंडा रखने में मदद करती है।
  • हाई परफॉर्मेंस: इंजन की ताकत और क्षमता में सुधार होता है।


माइलेज पर क्या है सरकार का रुख?

इथेनॉल को लेकर आम लोगों की सबसे बड़ी चिंता ‘कम माइलेज’ को लेकर है। इस पर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में वाहनों के माइलेज में हल्की कमी महसूस हो सकती है, लेकिन इसके पीछे केवल इथेनॉल ही एकमात्र कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि माइलेज कम होने के पीछे कई तकनीकी और बाहरी कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।

सरकार की प्राथमिकता: भारत की जैव ईंधन नीति का लक्ष्य केवल तेल आयात कम करना नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाना है।

E20 से आगे की क्या है तैयारी?

सरकार ने साफ कर दिया है कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी। E20 (पेट्रोल में 20% इथेनॉल) से आगे बढ़ने के लिए सरकार व्यापक परीक्षण (Testing) और तकनीकी सुरक्षा जांच कर रही है।

वैश्विक उदाहरण से सीख:

  • अमेरिका: यहाँ E15 का तेजी से विस्तार हो रहा है।
  • ब्राजील: यहाँ E27 अनिवार्य है और देश 100% इथेनॉल की ओर बढ़ रहा है।
  • भारत का लक्ष्य: भारत ने 2013-14 में जहाँ महज 38 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन किया था, वहीं अब यह 2000 करोड़ लीटर प्रतिवर्ष तक पहुँच गया है। दिसंबर 2025 तक भारत 20% मिश्रण के लक्ष्य को मजबूती से प्राप्त कर चुका है।


भविष्य में क्या होगा?

इथेनॉल मिश्रण केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बदलाव का हिस्सा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे तकनीक और फ्लेक्स-फ्यूल इंजन (Flex-fuel engines) आम होंगे, माइलेज की समस्या का समाधान भी बेहतर होता जाएगा।

news desk

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