कोलकाता में आईपैक (I-PAC) के खिलाफ हुई ईडी रेड को लेकर उठे विवाद के बीच इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी राजनीतिक दल के चुनावी कार्यक्रमों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, लेकिन यदि किसी तरह की अवैध गतिविधि सामने आती है तो कार्रवाई से उन्हें रोका भी नहीं जा सकता।
कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और बंगाल पुलिस को नोटिस जारी किया है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार स्थितियां और बिगड़ने और कानून का राज खत्म हो जाए। किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी पार्टी के चुनावी कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, लेकिन सही तरीके से किसी गैरकानूनी गतिविधि के खिलाफ एक्शन ले सकती है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।