नई दिल्ली। अगर आपको रात के आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाओं को देखना पसंद है, तो 8 अक्टूबर की रात आपके लिए खास हो सकती है। अक्टूबर में होने वाली Draconid Meteor Shower यानी ड्रैकोनिड उल्कापिंड वर्षा इन दिनों सक्रिय है और 8 अक्टूबर की शाम से 9 अक्टूबर की सुबह तक इसे देखने का अच्छा मौका मिल सकता है।
इस उल्कापिंड वर्षा की सबसे खास बात यह है कि इसे देखने के लिए आपको आधी रात तक जागने की जरूरत नहीं है। अंधेरा होने के कुछ समय बाद से ही उल्काओं की चमकती लकीरें आसमान में दिखाई दे सकती हैं। साफ आसमान और कम रोशनी वाली जगह इस नजारे को देखने की संभावना को और बेहतर बना सकती है।
Draconid Meteor Shower आमतौर पर 6 से 10 अक्टूबर के बीच सक्रिय रहती है। इस साल 8 अक्टूबर की रात से 9 अक्टूबर की सुबह तक इसे देखने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।
भारत में इसे देखने के लिए किसी एक निश्चित पीक समय का इंतजार करना जरूरी नहीं है। सूरज डूबने के बाद जैसे ही आसमान पूरी तरह अंधेरा होगा, उल्काओं को देखने की कोशिश की जा सकती है।
उल्कापिंड वर्षा की गतिविधि रात के शुरुआती घंटों में भी दिखाई दे सकती है, जो इसे कई दूसरी Meteor Shower से अलग बनाती है।
Draconid Meteor Shower देखने के लिए किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं होती। इसे नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।
हालांकि, शहरों में मौजूद स्ट्रीट लाइट, इमारतों और दूसरी कृत्रिम रोशनी के कारण कम चमक वाले उल्कापिंड दिखाई देना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर संभव हो तो किसी ऐसे स्थान का चुनाव करें जहां आसमान खुला हो और आसपास रोशनी कम हो।
NASA की सलाह के मुताबिक, आसमान देखने से पहले कुछ समय अंधेरे में रहने से आंखों को कम रोशनी के अनुसार ढलने में मदद मिलती है। इससे उल्काओं को देखने की संभावना बढ़ सकती है।
साफ मौसम और अंधेरी जगह में प्रति घंटे करीब 5 से 10 उल्काएं दिखाई देने की संभावना हो सकती है। हालांकि यह संख्या निश्चित नहीं है और वास्तविक दृश्यता मौसम, स्थान, प्रकाश प्रदूषण और उस समय Meteor Shower की गतिविधि पर निर्भर करेगी।
Draconid उल्काएं कई अन्य Meteor Shower की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी गति से दिखाई देती हैं। यही वजह है कि आसमान में उनकी चमकती लकीर को देखने का अनुभव थोड़ा अलग हो सकता है।
Draconid Meteor Shower उत्तरी गोलार्ध से देखने के लिए अनुकूल मानी जाती है और भारत भी उत्तरी गोलार्ध में स्थित है। इसलिए देश के कई हिस्सों से इसे देखने का मौका मिल सकता है।
हालांकि, बड़े शहरों में प्रकाश प्रदूषण सबसे बड़ी बाधा बन सकता है। बेहतर अनुभव के लिए शहर से दूर खुले और अंधेरे स्थान को चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा।
आसमान में होने वाला यह नजारा अक्टूबर का आखिरी बड़ा खगोलीय आकर्षण नहीं है। इसी महीने Orionid Meteor Shower भी सक्रिय होगी और इसके उल्कापिंडों की गतिविधि अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में बढ़ेगी।
यानी अगर 8 अक्टूबर की रात मौसम या रोशनी के कारण Draconid Meteor Shower का नजारा देखने से चूक जाते हैं, तो अक्टूबर में एक और शानदार खगोलीय घटना देखने का मौका मिलेगा।
तो आज रात अगर आसमान साफ है, तो बस किसी अंधेरी और खुली जगह का रुख कीजिए और कुछ देर आसमान पर नजर टिकाकर रखिए—हो सकता है अगली चमकती लकीर आपकी आंखों के सामने से गुजर जाए।
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