पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल थमती नजर नहीं आ रही है। अब संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच जल्द ही बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है, जिससे पश्चिम एशिया की सियासत में नया मोड़ आ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि ईरान की तरफ से दोबारा संवाद का संदेश आया है और तेहरान समझौते के लिए इच्छुक दिख रहा है। ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों का असर ईरान पर साफ नजर आ रहा है, जिससे वह बातचीत की टेबल पर लौटने को मजबूर हुआ है।
दूसरी ओर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शुरुआती बातचीत में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर मतभेद अब भी कायम हैं, लेकिन संवाद की दिशा आगे बढ़ती दिख रही है।
इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक औपचारिक वार्ता नहीं, बल्कि ‘स्ट्रैटेजिक प्रेशर पॉलिटिक्स’ के तौर पर भी देखा जा रहा है। अमेरिका जहां प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं ईरान बातचीत के जरिए राहत की संभावनाएं तलाश रहा है।
अमेरिका लगातार यह दोहरा रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं ईरान अपनी परमाणु नीति को लेकर लचीलापन दिखाने के बदले प्रतिबंधों में राहत चाहता है। यही वजह है कि बातचीत की राह आसान नहीं मानी जा रही।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर दूसरा दौर जल्द शुरू होता है, तो यह सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की स्थिरता पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि, अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को कई जटिल मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।
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