कानपुर। मौजूदा दौर में लोग अक्सर लालच में आकर किसी के झांसे में फँस जाते हैं और करोड़ों रुपये गंवा बैठते हैं। कानपुर में ऐसा ही एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक ऐसे शख्स को दबोचा गया है जिसने निवेश के नाम पर देशभर के लोगों से 970 करोड़ रुपये की ठगी की है। दुबई से फरार होने के बाद आरोपी को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान दिल्ली के इंटरनेशनल ठग रविंद्रनाथ सोनी के रूप में हुई है। हालांकि उसकी गिरफ्तारी देहरादून से हुई थी, लेकिन अब पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आ रहे हैं। कानपुर पुलिस के शिकंजा कसते ही उसने कई राज उगलने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, दुबई में सोनी ने ब्लू चिप समेत करीब 20 कंपनियाँ खोली थीं, जो अब जांच के दायरे में हैं। इन कंपनियों के जरिए वह लोगों से निवेश करवाता था और करोड़ों रुपये जमा कर ठगी करता था।
दुबई में जांच शुरू होने के बाद सोनी वहाँ से ओमान के रास्ते दिल्ली पहुंचा और बाद में देहरादून में छिपकर बैठ गया, जहाँ से उसे गिरफ्तार किया गया।अब तक की जांच में आरोपी के 22 भारतीय बैंक खातों, 8 डिजिटल क्रिप्टो लेन-देन तथा 20 कंपनियों से प्रत्यक्ष संबंध उजागर हुए हैं।
पुलिस की जांच में अब कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि इस इंटरनेशनल ठग ने दुबई, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान सहित कई देशों के 700 से अधिक लोगों से 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है।
जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई सीसीटीवी फुटेज लगे हैं, जो उसके पूरे ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हैं। इन फुटेज में आरोपी रविंद्र सोनी को दुबई स्थित अपने ऑफिस में नोटों की गड्डियाँ ट्रॉली बैग में भरते हुए साफ देखा जा सकता है।
उसका नेटवर्क इतना विशाल हो चुका था कि उसके ऑफिस, घर और गाड़ियों में हर तरफ कैश भरा रहता था। निवेशकों से आने वाली रकम इतनी अधिक थी कि उसे ठिकाने लगाना भी उसके लिए मुश्किल साबित हो रहा था।
दुबई से भारत लौटते ही पुलिस ने उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया और अब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं।