दिल्ली में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार सुबह (17 जनवरी 2026) राजधानी के बड़े हिस्से घने कोहरे की चपेट में रहे, जिससे विज़िबिलिटी बेहद कम हो गई। इसका सीधा असर हवाई, सड़क और रेल यातायात पर पड़ा। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर कई उड़ानों में देरी हुई, वहीं यात्रियों को एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है, क्योंकि कोहरे के चलते ऑपरेशन बीच-बीच में प्रभावित हो सकता है।
हालांकि तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई, लेकिन सुबह के वक्त विज़िबिलिटी इतनी कम रही कि सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। रेल और हवाई सेवाएं भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकीं। इसी ठंड और स्थिर मौसम ने दिल्ली की हवा को भी और जहरीला बना दिया है।
खराब हवा ने बढ़ाई चिंता
ठंड और कोहरे के बीच दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार बिगड़ रही है। गुरुवार शाम 4 बजे AQI 343 था, जो शुक्रवार शाम तक बढ़कर 354 पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे AQI 376 दर्ज किया गया, जो ‘वेरी पुअर’ कैटेगरी में आता है। मौसम विभाग और प्रदूषण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार बेहद कम होने और वातावरण स्थिर रहने की वजह से प्रदूषक फैल नहीं पा रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो सकते हैं।
IMD और IITM के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में AQI 400 के पार जा सकता है और दिल्ली ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंच सकती है। इसी खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
CAQM की बैठक और GRAP स्टेज-III की वापसी
खराब होती एयर क्वालिटी को लेकर मंगलवार (14 जनवरी) को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की GRAP सब-कमेटी ने बैठक की थी। बैठक में दिल्ली-NCR की मौजूदा हवा, मौसम के अनुमान और AQI ट्रेंड की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ने के संकेत दे रहे हैं।
इसके बाद CAQM ने एहतियातन पूरे NCR में GRAP स्टेज-III को फिर से लागू करने का फैसला लिया। इससे पहले 2 जनवरी को हवा में थोड़े सुधार के बाद स्टेज-III की पाबंदियां हटाई गई थीं, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ चुके हैं। GRAP स्टेज-I और स्टेज-II के कई नियम पहले से ही लागू हैं।
स्टेज-III में क्या-क्या सख्ती?
GRAP के तहत हवा की गुणवत्ता को ‘पुअर’, ‘वेरी पुअर’, ‘सीवियर’ और ‘सीवियर प्लस’ कैटेगरी में बांटा गया है। स्टेज-III में निर्माण कार्यों, इंडस्ट्रियल गतिविधियों और वाहनों पर अतिरिक्त सख्ती की जाती है। CAQM ने साफ किया है कि दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-4 डीजल हल्के व्यावसायिक वाहनों को राजधानी में एंट्री नहीं मिलेगी, हालांकि जरूरी सेवाओं और आवश्यक सामान ढोने वाले वाहनों को छूट दी गई है।
हर सर्दी वही कहानी
दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान प्रदूषण बढ़ना अब आम बात हो गई है। ठंड, कम हवा, घना कोहरा, गाड़ियों का धुआं, पराली और स्थानीय प्रदूषण—ये सब मिलकर हालात और बिगाड़ देते हैं। फिलहाल प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को GRAP स्टेज-III के तहत तय नौ-सूत्रीय एक्शन प्लान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
अब देखना यह है कि कोहरा, ठंड और जहरीली हवा के इस तिहरे संकट से दिल्ली को कब राहत मिलती है, या आने वाले दिनों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं।