सोचिए आप सुबह ऑफिस जाने के लिए पेट्रोल पंप पहुंचे, टंकी खाली है, कार्ड हाथ में है—लेकिन कर्मचारी सीधा मना कर दे। “ईंधन नहीं मिलेगा।” पहले लगेगा शायद पेट्रोल खत्म हो गया है, या सप्लाई में कोई दिक्कत है। लेकिन असली वजह इससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली है।
दरअसल दिल्ली की हवा इन दिनों इतनी जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना भी किसी चुनौती से कम नहीं लग रहा। प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार की हर तरफ किरकिरी हो रही है—संसद में सवाल, सड़कों पर गुस्सा और सोशल मीडिया पर मीम्स। इसी बीच पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ऐसा ऐलान कर दिया है, जिसने आम वाहन चालकों की नींद उड़ा दी है। 18 दिसंबर से दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर कुछ गाड़ियों को ईंधन ही नहीं मिलेगा।
जिन गाड़ियों के पास वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल यानी PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सिरसा ने साफ शब्दों में कहा कि आज और कल का वक्त PUC बनवाने के लिए है। गुरुवार से नियम सख्ती से लागू होगा। बिना वैध PUC कोई भी वाहन पेट्रोल पंप से ईंधन नहीं ले पाएगा। इसकी निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाए जाएंगे और सख्त चेकिंग होगी, ताकि कोई नियम तोड़ न सके।
दिल्ली के बाहर से आने वाली गाड़ियों पर भी लगेगा बैन
सख्ती यहीं खत्म नहीं होती। दिल्ली के बाहर से आने वाले BS-6 से कम स्टैंडर्ड वाले वाहनों की एंट्री पर भी बैन रहेगा। ऐसे वाहन अगर पकड़े गए तो जब्त तक किए जा सकते हैं। वहीं बदरपुर, रेत और अन्य निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रकों पर भारी जुर्माना और सीधी जब्ती की कार्रवाई होगी।
दिल्ली की जनता से मांगी माफ़ी
मंत्री ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर दिल्लीवासियों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि 9-10 महीनों में AQI को पूरी तरह काबू में करना किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं है। यह समस्या उन्हें विरासत में मिली है। साथ ही उन्होंने पिछली AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदूषण की यह “बीमारी” पुरानी है, लेकिन अब धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है।
हालांकि दिल्ली का AQI अभी भी ‘सीवियर’ कैटेगरी में बना हुआ है, लेकिन सरकार का दावा है कि पिछले साल के मुकाबले हालात बेहतर हैं। 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की पहचान की गई है, जिन पर खास नजर रखी जा रही है।