सिलिकॉन वैली से लेकर बीजिंग तक, एक ही नाम की चर्चा हो रही है इस वक़्त “DeepSeek”। हालिया रिपोर्ट ने टेक वर्ल्ड में खलबली मचा दी है। खबर है कि जिस Nvidia ‘Blackwell’ चिप को अमेरिका ने चीन के लिए ‘नो-एंट्री’ जोन अनाउंस किया था, उसी पर DeepSeek ने अपना नया AI मॉडल तैयार कर लिया है।
वो चिप जो चीन के पास ‘होनी ही नहीं चाहिए’
Nvidia का Blackwell फिलहाल दुनिया का सबसे पावरफुल AI चिप माना जा रहा है। अमेरिकी सरकार ने इसके एक्सपोर्ट पर सख्त पाबंदी लगा रखी है, लेकिन अमेरिकी ऑफिसर्स का दावा है कि DeepSeek ने न सिर्फ इन चिप्स को हासिल किया, बल्कि उन पर अपने अगले बड़े मॉडल की ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, DeepSeek ने इस खेल में काफी चालाकी दिखाई है: कंपनी ने ट्रेनिंग के दौरान इस्तेमाल हुए हार्डवेयर के ‘टेक्निकल सिग्नेचर’ को डिलीट कर दिया, ताकि किसी को भनक न लगे कि पीछे Nvidia के ही चिप्स काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि ये सारा खेल चीन के इनर मंगोलिया रीजन में बने एक विशाल डेटा सेंटर में चल रहा है।
स्मगलिंग या जुगाड़?:
एक्सपर्ट्स हैरान हैं कि हज़ारों की तादाद में ये चिप्स चीन पहुँचे कैसे? चर्चा है कि इसमें ‘थर्ड पार्टी’ एजेंट्स या ब्लैक मार्केट का बड़ा हाथ हो सकता है।
सिर्फ हार्डवेयर नहीं, डेटा भी ‘उधार’?
अमेरिकी अधिकारियों ने DeepSeek पर एक और गंभीर आरोप लगाया है “डेटा डिस्टिलेशन”, सीधे शब्दों में कहें तो आरोप है कि DeepSeek ने OpenAI (ChatGPT), Google और Anthropic जैसे दिग्गजों के मॉडल्स से डेटा ‘खींच’ कर अपने मॉडल को स्मार्ट बनाया है। यानी कम मेहनत और कम खर्च में ‘शॉर्टकट’ से वर्ल्ड-क्लास AI तैयार करना।
क्या है इसका बड़ा असर?
कंपनी ने अभी तक इस मामले पर ‘नो कमेंट्स’ का बोर्ड लगा रखा है। अमेरिकी सरकार अब एक्सपोर्ट कंट्रोल को और भी ज़्यादा सख्त करने की तैयारी में है।