भुवनेश्वर/अमरावती। चक्रवाती तूफान अर्नब का असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश में गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। हालात को देखते हुए ओडिशा के नौ जिलों से करीब 59 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं आंध्र प्रदेश में तूफान से शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
दोनों राज्यों में प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। ओडिशा में 300 से अधिक राहत-बचाव टीमें तैनात की गई हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा लिया है।
तूफान के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चलाया।
अब तक करीब 59 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। राहत और बचाव कार्यों के लिए 300 से अधिक टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने और संभावित नुकसान को कम करने की है।
तूफान अर्नब ने आंध्र प्रदेश में भी भारी नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती आकलन में राज्य को करीब 4,600 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया गया है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। राज्य प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाएं बहाल करने में जुटा है।
चक्रवाती तूफान का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा और संभावित खतरे को देखते हुए हावड़ा-चेन्नई रेल रूट पर 36 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है।
ओडिशा के गंजाम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेलवे ने पुलों पर रेल परिचालन को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। इसके चलते कई रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
तूफान से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की थी। संभावित खतरे को देखते हुए गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक करीब 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों और सुरक्षित चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट किया गया। इस दौरान 367 बच्चों का जन्म भी हुआ। प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा सहायता को प्राथमिकता देते हुए विशेष इंतजाम किए हैं।
तूफान के बाद कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में राहत एवं बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और जरूरी सेवाएं बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल दोनों राज्यों में तूफान से हुए नुकसान का आकलन और राहत अभियान जारी है। रेलवे परिचालन से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक पर पड़े असर के बीच प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना है।
दीवाली से ठीक पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अंतरिक्ष में एक और बड़ा इतिहास…
दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली से पहले सियासी माहौल…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज…
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ धाम से लौट रहा एक हेलीकॉप्टर लापता हो…
जनसंघ से बीजेपी तक का लंबा राजनीतिक सफर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण…
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2027) का नया सीजन शुरू होने से पहले ही 5 बार…