काफी समय से कोविड संक्रमण को लेकर स्थिति शांत मानी जा रही थी। लोग बिना मास्क के सामान्य जीवन में लौट चुके थे और यह माना जाने लगा था कि अब वायरस का खतरा काफी हद तक पीछे छूट गया है। लेकिन अब कोरोना का नया वैरिएंट COVID-19 BA.3.2 सामने आने के बाद कई देशों में फिर से निगरानी बढ़ा दी गई है। वैज्ञानिकों ने इस सब-वेरिएंट को Cicada नाम दिया है, जो हाल के हफ्तों में कई देशों में दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस की यही प्रकृति है कि वह समय-समय पर अपना रूप बदलता रहता है। वायरस के भीतर होने वाले छोटे-छोटे बदलाव नए वैरिएंट्स को जन्म देते हैं और यही कारण है कि संक्रमण पूरी तरह समाप्त होने के बजाय अलग-अलग रूप में वापस दिखाई देता है। BA.3.2 भी इसी क्रम में सामने आया नया रूप है, जिसने स्वास्थ्य एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

अमेरिका में क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिका में इस वैरिएंट को लेकर स्वास्थ्य एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वैरिएंट पिछले कुछ महीनों से सीमित स्तर पर मौजूद था, लेकिन अब इसके मामलों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसी वजह से संक्रमण की निगरानी और डेटा विश्लेषण पर जोर दिया जा रहा है।
कई देशों तक पहुंच चुका है नया वैरिएंट
अब तक BA.3.2 करीब 20 देशों में रिपोर्ट किया जा चुका है। कुछ इलाकों में कोविड संक्रमण के कुल मामलों में इसका हिस्सा तेजी से बढ़ता दिखाई दिया है। इसी कारण इसे वैश्विक स्तर पर निगरानी की सूची में रखा गया है।

कितना खतरनाक है नया सब-वेरिएंट?
अब तक की जानकारी के अनुसार यह वैरिएंट तेजी से फैल सकता है, लेकिन इसकी गंभीरता पहले की तुलना में कम मानी जा रही है। वैक्सीन और पहले संक्रमण से बनी प्रतिरोधक क्षमता के कारण अधिकांश लोगों में गंभीर लक्षण नहीं देखे जा रहे।
क्या फिर से सतर्क होने की जरूरत है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि घबराने के बजाय सावधानी जरूरी है। बंद जगहों में वेंटिलेशन, लक्षण होने पर जांच और स्वच्छता जैसी आदतें अब भी संक्रमण को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।