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बुलंदशहर में BJP नेता के बिगड़े बोल! TMC सांसद सयोनी घोष को लेकर दिया विवादित बयान, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है, जहां सिकंदराबाद नगर पालिका चेयरमैन और बीजेपी नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित के एक कथित बयान को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने टीएमसी सांसद Saayoni Ghosh को लेकर आपत्तिजनक और हिंसा से जुड़ी टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

मामला एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि सयोनी घोष ने भगवान शिव से संबंधित एक आपत्तिजनक पोस्ट किया था।

हालांकि, Saayoni Ghosh पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि उनका अकाउंट हैक हो गया था और वह पोस्ट उन्होंने नहीं किया था। इसी विवाद को लेकर सिकंदराबाद में हिंदू संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।

मंच से दिया गया विवादित बयान

वायरल वीडियो में आरोप है कि बीजेपी नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित ने मंच से कहा कि जो कोई सयोनी घोष का सिर काटकर लाएगा, उसे 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।

इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी फैल गई और कई यूजर्स ने इसे बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बताया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर विपक्षी दलों ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सत्ताधारी दल के नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।वहीं Bharatiya Janata Party ने इस बयान से दूरी बनाते हुए कहा है कि यह संबंधित नेता की निजी राय है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि शिकायत मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं Saayoni Ghosh ?

Saayoni Ghosh पश्चिम बंगाल की एक जानी-मानी राजनीतिक हस्ती हैं। राजनीति में आने से पहले वह बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री और गायिका रह चुकी हैं।

उन्होंने 2021 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) जॉइन किया था। शुरुआती चुनावी हार के बाद भी पार्टी ने उन पर भरोसा बनाए रखा और बाद में उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। 2024 लोकसभा चुनाव में वे जादवपुर सीट से सांसद चुनी गईं।

राजनीति में भाषा और मर्यादा पर सवाल

यह विवाद एक बार फिर इस बहस को तेज कर रहा है कि क्या राजनीतिक मंचों पर भाषा की मर्यादा टूट रही है। विशेषज्ञों और आम लोगों का मानना है कि नेताओं के शब्द समाज पर सीधा असर डालते हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि क्या राजनीतिक मतभेदों को इस स्तर तक ले जाना सही है, जहां हिंसा जैसी बातें सार्वजनिक मंच से कही जाएं।

यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राजनीतिक भाषा, जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार पर एक नई बहस छेड़ दी है।

news desk

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